डायचे वेले जर्मनी द्वारा अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार "द बॉब्स" से सम्मानित पत्रिका "दुधवा लाइव"

International Journal of Environment & Agriculture, Vol.7, no 02, February 2017, ISSN 2395-5791

"किसी राष्ट्र की महानता और नैतिक प्रगति को इस बात से मापा जाता है कि वह अपने यहां जानवरों से किस तरह का सलूक करता है"- मोहनदास करमचन्द गाँधी

Dec 25, 2015

नार्थ खीरी वन प्रभाग में एक जंगली हाथी की मौत



लखीमपुर-खीरी, बुधवार २३ दिसम्बर को दुधवा नेशनल पार्क से सटे नार्थ खीरी फारेस्ट डिवीजन में एक जंगली हाथी की मौत हो गयी, घटना नार्थ खीरी फारेस्ट डिवीजन की पलिया रेंज के मकनपुर बीट की बताई जा रही हैं, ग्रामीणों ने जंगली हाथी के शव को देखकर वन विभाग को सूचित किया, वन अधिकारी मौके पर पहुँच कर शव को अपने कब्जे में लिया, मौत के कारण अज्ञात बताये जा रहे हैं, सूत्रों के मुताबिक़ हाथी के शरीर पर कोइ भी चोट के निशान मौजूद नही हैं और न ही आपसी संघर्ष के कोइ चिन्ह मिले हैं.



डाक्टर नेहा सिंघई, सौरभ सिंघई, डी आर निगम ने हाथी के शव का पोस्टमार्टम किया, रिपोर्ट में मौत का कारण स्वाभाविक बताया गया है. पोस्टमार्टम के बाद शव को मौके पर दफ़न कर दिया गया, इस दौरान दुधवा नेशनल पार्क के डी डी पी पी सिंह, एस डी ओ अशोक कुमार, नार्थ खीरी वन प्रभाग पलिया के रेंजर आर के दीक्षित मौजूद रहें.

गौर तलब है दुधवा नेशनल पार्क से सटे नेपाल के बर्दिया नेशनल पार्क से हाथियों का माइग्रेशन दुधवा व् खीरी के नार्थ फारेस्ट डिवीजन में प्रत्येक वर्ष होता है, साथ ही स्थाई तौर पर भी दुधवा में जंगली हाथी मौजूद हैं.

दुधवा लाइव डेस्क    

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