वन्य जीवन एवं पर्यावरण

International Journal of Environment & Agriculture ISSN 2395 5791

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ये जंगल तो हमारे मायका हैं

बीती सदी में बापू ने कहा था

"किसी राष्ट्र की महानता और नैतिक प्रगति को इस बात से मापा जाता है कि वह अपने यहां जानवरों से किस तरह का सलूक करता है"- मोहनदास करमचन्द गाँधी

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हम भारत की जैव-विविधिता और पर्यावरण के प्रहरी बन कर,  उन सभी मुद्दों को दुनिया के सामने लायेंगे, जो भ्रष्टाचार और मंच की अनुपलब्धता की वजह से कही खो जाते है, ताकि हमारी वसुन्धरा  सुन्दर व  सुवाषित होती रहे अपने अतीत की तरह, आप सभी अपने विचार दुधवा लाइव को इन मेल व डाक पते के जरिए प्रेषित कर सकते हैं।


संस्थापक-संपादक
कृष्ण कुमार मिश्र
77, कैनाल रोड, शिव कालोनी
लखीमपुर- खीरी-262701
उत्तर प्रदेश, भारतवर्ष

Founder/Editor (Honorary)
Krishna Kumar Mishra
77,Canal Rd. Shiv Colony
Lakhimpur-Kheri-262701
Uttar Pradesh, India

Email: dudhwalive[at]live.com
editor.dudhwalive[at]gmail.com

Phone: +91(05872)263571

जर्मनी द्वारा अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार "द बॉब्स" से सम्मानित पत्रिका "दुधवा लाइव"

मुद्दा

क्या खत्म हो जायेगा भारतीय बाघ
कृष्ण कुमार मिश्र* धरती पर बाघों के उत्थान व पतन की करूण कथा:

दुधवा में गैडों का जीवन नहीं रहा सुरक्षित
देवेन्द्र प्रकाश मिश्र* पूर्वजों की धरती पर से एक सदी पूर्व विलुप्त हो चुके एक सींग वाले भारतीय गैंडा

हस्तियां

पदम भूषण बिली अर्जन सिंह
दुधवा लाइव डेस्क* नव-वर्ष के पहले दिन बाघ संरक्षण में अग्रणी भूमिका निभाने वाले महा-पुरूष पदमभूषण बिली अर्जन सिंह

एक ब्राजीलियन महिला की यादों में टाइगरमैन बिली अर्जन सिंह
टाइगरमैन पदमभूषण स्व० बिली अर्जन सिंह और मैरी मुलर की बातचीत पर आधारित इंटरव्यू:

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