International Journal of Environment & Agriculture
ISSN 2395 5791
"किसी राष्ट्र की महानता और नैतिक प्रगति को इस बात से मापा जाता है कि वह अपने यहां जानवरों से किस तरह का सलूक करता है"- मोहनदास करमचन्द गाँधी

जर्मनी द्वारा अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार "द बॉब्स" से सम्मानित पत्रिका "दुधवा लाइव"

Feb 7, 2015

वन्य जीवन फोटोग्राफी में सतपाल सिंह को अंतरराष्ट्रीय सम्मान



 मेलवीटा नेचर इमेजेज अवार्ड्स 2014

 - ‘स्टोरीज आफ स्पीसीज’ श्रेणी में मिला तीसरा पुरस्कार

- इस वर्ष यह पुरस्कार पाने वाले एक मात्र भारतीय
युवा वाइल्डलाइफ फोटोग्राफर सतपाल सिंह ने फोटोग्राफी के क्षेत्र में दुनिया का प्रतिष्ठित पुरस्कार जीता है। उन्हें मेलवीटा नेचर इमेजेज अवार्ड्स 2014 में पर्यावरण फोटोग्राफी के लिए तीसरा स्थान मिला है। वह इस साल यह पुरस्कार हासिल करने वाले इकलौते एशियाई है। उन्हें पुरस्कार राशि के तौर पर 500 यूरो (करीब 38 हजार रुपए) मिले हैं। सालाना होनी वाली इस प्रतियोगिता को टेरे सौवेज मैग्जीन (फ्रांस) और आईयूसीएन (इंटरनेशनल यूनियन फॉर कन्जर्वेशन आफ नेचर) आयोजित करता है। आईयूसीएन पर्यावरण के लिए काम करने वाला दुनिया का अग्रणी संगठन है। इससे 1200 से अधिक सरकारी व गैर सरकारी संगठन और 160 देशों के  लगभग 11,000 स्वयंसेवक विशेषज्ञ  जुड़े हुए हैं। इस प्रतियोगिता दुनिया भर के नामी-गिरामी फोटोग्राफर्स हिस्सा लेते हैं। इस अवॉर्ड समारोह में 10 श्रेणियां, 68 नामांकन और कुल 36 पुरस्कार दिए जाते हैं।



सतपाल को ‘स्टोरीज आफ स्पीसीज’ श्रेणी में तीसरा पुरस्कार मिला है। इस में सतपाल सिंह ने 12 फोटोग्राफ्स के द्वारा नन्ही सी जीव (वीवर आंट) चींटी की हरकतों , गतिविधियों व उसकी जीवन के विशेष पहलूओं को दुनिया के सामने रखना था।


एशिया से एकमात्र विजेता
सतपाल की यह उपलब्धि इस लिए भी खास है कि वह इस वर्ष यह पुरस्कार प्राप्त करने वाले इकलौते एशियाई हैं। इससे पहले भी सतपाल ने देश-विदेश में फोटोग्राफी में कई पुरस्कार जीतकर देश को गौरवांवित किया है। सतपाल ने अमेरिका, इंग्लैंड, ग्रीस, सिंगापुर, रूस आदि देशों में अवार्ड्स जीतें है।   



गांव के होनहार की बड़ी छलांग

युवा फोटोग्राफर सतपाल सिंह उत्तर प्रदेश के लखीमपुर जिले के एक गांव के रहने वाले हैं। उनके पिता जसवंत सिंह  खेती करते हैं। मोहम्मदी कस्बे के समीप एक छोटे से गांव अलीनगर से निकलकर सतपाल ने विश्व पटल पर अपने प्रतिभा की छाप छोड़ी है व  देश का नाम ऊंचा कर रहे हैं। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर खुद नाम अंकित करना उनके परिवार के साथ-साथ देश के मध्यमवर्ग और छोटे जगहों पर मौजूद प्रतिभा और काबिलियत को दर्शाता है। उन्होंने साबित किया कि इंसान कहां जन्म लेता हैं, उसके इरादों और हौसलों के सामने यह मायने नहीं रखता। अपनी कामयाबी पर सतपाल का कहना है कि यह मेरे फोटोग्राफी करियर की सबसे बड़ी उप्लब्धियिों में से एक है आईयूसीएन द्वारा मेरे काम को पहचाने जाने से मैं खुद को ऊर्जावान महसूस कर रहा हूं।

सतपाल सिंह फोटोग्राफी फेसबुक पेज पर जाने के लिए यहां क्लिक करें।

(स्रोत- सतपाल सिंह, satpalsinghwlcn@gmail.com)

दुधवा लाइव डेस्क 

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