International Journal of Environment & Agriculture
ISSN 2395 5791
"किसी राष्ट्र की महानता और नैतिक प्रगति को इस बात से मापा जाता है कि वह अपने यहां जानवरों से किस तरह का सलूक करता है"- मोहनदास करमचन्द गाँधी

जर्मनी द्वारा अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार "द बॉब्स" से सम्मानित पत्रिका "दुधवा लाइव"

Dec 25, 2011

मैलानी जंगल में देखे गये सात तेंदुआ शावक



-वन विभाग ने शुरू कराई शावकों की निगरानी, दो टीमें लगाई गई
-मैलानी खास व खैरटिया जंगल में मादा तेंदुआ पाल रहीं शावकों को
-वन्यजीव प्रेमियों में खुशी,कहा-खीरी में बढ़ेगी तेंदुओं की संख्या

खुशखबरी ---

मैलानी जंगल में पैदा हुए दो दिन के चार तेंदुआ शावक

लखीमपुर-खीरी। खीरी जिले में तेंदुए की घटती आबादी से चितिंत वन विभाग के अफसरों और वन्यजीव प्रेमियों के लिए खुशखबरी है। मैलानी जंगल में दो मादा तेंदुओं ने सात शावकों को जन्म दिया है। ये शावक अभी ठीक से चल नही पा रहे हैं। इनकी निगरानी के लिए वन विभाग ने पूरे जंगली इलाके को सील कर दिया है। निगरानी के लिए मैलानी खास व खैरटिया बीट में दो टीमें लगाई गई हैं। वन्यजीव प्रेमी तेंदुआ शावकों के पैदा होने से काफी उत्साहित हैं। उनका कहना है कि सात शावकों के पैदा होने से जंगल में तेंदुओं की आबादी में इजाफा होगा।


बीती रात मैलानी खास में चार तेंदुए के शावक देखे गए। वन विभाग रूटीन गश्त के दौरान झाड़ियों में ये शावक मादा तेंदुए के साथ ठंड से बचने का प्रयास कर रहे थे। रेंजर एके श्रीवास्तव के मुताबिक, इन शावकों का जन्म दो दिन पहले ही हुआ है। वन विभाग की टीम देखने के बाद मादा तेंदुआ शावकों से दूर चली गई। इसके बाद इन शावकों को वन विभाग के रेस्ट हाउस में लाया गया। रेंजर की सूचना पर एसडीओ एसएन सिंह भी रात में ही मौके पर पहुंचे। रेस्ट हाउस में आग जलाकर शावकों को ठंड से बचाया गया। शनिवार को इन चारों शावकों को जंगल के उसी ठिकाने पर छोड़ दिया गया। जहां से उन्हें लाया गया था। रेंजर ने बताया कि शावकों की मौजूदगी वाले जंगली क्षेत्र को सील कर दिया गया है और मजदूरों के आने-जाने पर पाबंदी लगा दी गई है। इधर, खैरटिया बीट में रईस के गन्ने के खेत में तेंदुए के तीन शावकों की मौजूदगी की पुष्टि हुई है। खेत मालिक रईस की सूचना पर वन विभाग ने गन्ने के खेत की निगरानी शुरू करा दी है। बताते हैं गन्ने के खेत में मादा तेंदुआ भी देखी जा रही है। अफसरों के मुताबिक, तेंदुए के शावकों का जन्म पन्द्रह से बीस दिन पहले हुआ है। तेंदुआ शावकों के जन्म को लेकर वन विभाग के अफसरों और वन्यजीव प्रेमी खासे उत्साहित हैं।

वन्यजीव प्रेमी केके मिश्रा का कहना है पीलीभीत, उत्तर खीरी व दक्षिण खीरी को मिलाकर जो रिजर्व फारेस्ट इलाका बन रहा है। शावकों की आबादी बढ़ना इस इलाके के लिए एक अच्छा संकेत हैं। खीरी के रिजर्व फारेस्ट इलाके में तेंदुओं की आबादी में कमी थी। सात शावकों के पैदा होने से जंगल में तेंदुए की आबादी बढ़ेगी। 


गंगेश उपाध्याय (लेखक पत्रकार है)
gangeshmedia@gmail.com

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