International Journal of Environment & Agriculture
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"किसी राष्ट्र की महानता और नैतिक प्रगति को इस बात से मापा जाता है कि वह अपने यहां जानवरों से किस तरह का सलूक करता है"- मोहनदास करमचन्द गाँधी

जर्मनी द्वारा अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार "द बॉब्स" से सम्मानित पत्रिका "दुधवा लाइव"

Dec 27, 2011

जंगल में लकड़ी बीनने गई वृद्ध महिला को खा गया बाघ

कर्तनिया घाट बार्डर के प्रताननगर गांव की घटना, सुबह परिजनों की तलाश के बाद मिला महिला का क्षत-विक्षत शव, वन विभाग ने बढ़ाई चौकसी

लखीमपुर/धौरहरा-खीरी। रविवार की दोपहर जंगल में लकड़ी बीनने गई एक वृद्ध महिला पर बाघ ने हमला कर उसकी जान ले ली। बाघ महिला के एक पैर को चबा गया है और पीठ व कंधे पर भी पंजों से कई प्रहार किए हैं। सोमवार की सुबह परिजनों की तलाश के बाद महिला का क्षत-विक्षत शव जंगल से बरामद हुआ है।

धौरहरा रेंज के गांव प्रतापपुर निवासी स्व. हजारी की पत्नी मैकिन (65) रविवार की दोपहर मटेरा जंगल में अकेले लकड़ी बीनने गई थी। लेकिन देर रात तक घर नही लौटी। रात में मैकिन के घर न लौटने पर परिजनों को आशंका होने लगी। परिजन व ग्रामीण महिला की तलाश करने मटेरा जंगल पहुंचे। जंगल से करीब पचास मीटर की दूरी पर परिजनों ने मैकिन का क्षत-विक्षत शव बरामद किया। बताते हैं मैकिन के दाए पैर को बाघ खा गया है। इसके अलावा बाघ ने मैकिन पर कई हमले किए हैं। जिसके कारण मैकिन की पीठ और कंधों पर बाघ के पंजों के गहरे निशान पड़े हैं। मैकिन के मुंह से खून निकलता मिला है। 

ग्रामीणों ने इस घटना की सूचना इलाकाई रेंजर एनएन पांडे को दी। रेंजर ने मौके पर पहुंच कर शव को जंगल से बाहर निकलवाया। बता दें कि धौरहरा रेंज की मटेरा बीट बहराइच के कर्तनिया घाट इलाके से लगा है। वन विभाग को दो दिन पहले भी मटेरा में बाघ की मौजूदगी की सूचना मिली थी। जिसके बाद वनकर्मियों की टीम ने वहां बाघ की लोकेशन जानने के लिए गश्त की थी। लेकिन बाघ को जंगल में पाया गया। वन विभाग ने बाघ के शिकार की इस घटना के बाद प्रतापपुर व मटेरा इलाके में निगरानी टीमों को एलर्ट किया गया है। वहीं रेंजर ने इलाकाई गांवों के लोगों को सर्तकता बरतने की सलाह दी है। रेंजर का कहना है कि घटना जंगल के अंदर हुई है। इसके बावजूद सुरक्षा इंतजाम बढ़ा दिए गए हैं।

गंगेश उपाध्याय (लेखक एक बड़े दैनिक अखबार में वाइल्ड-लाइफ़ रिपोर्टर है)
gangeshmedia@gmail.com

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