डायचे वेले जर्मनी द्वारा अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार "द बॉब्स" से सम्मानित पत्रिका "दुधवा लाइव"

International Journal of Environment & Agriculture, Vol.7, no 06, June 2017, ISSN 2395-5791

"किसी राष्ट्र की महानता और नैतिक प्रगति को इस बात से मापा जाता है कि वह अपने यहां जानवरों से किस तरह का सलूक करता है"- मोहनदास करमचन्द गाँधी

Apr 29, 2011

दुधवा राष्ट्रीय उद्यान : एक चित्र-कथा

दुधवा टाइगर रिजर्व
एक चित्र-कथा
--सतपाल सिंह 

दुधवा की दक्षिण सोनारीपुर रेन्ज में भारतीय गैंण्डा।

भारतीय गैण्डा

भारतीय गैण्डा

दुधवा के ग्रासलैड

दुधवा की गलियों में रेड जंगल फ़ाउल (जंगली मुर्गा)

रेड जंगल फ़ाउल (जंगली मुर्गा)

सुहेली नदी जो जीवन रेखा है दुधवा के जंगलों और उसके वन्य जीवों की।

साँझ में सुहेली का एक दृष्य

दुधवा में जंगली हाथी जो नेपाल और भारत के सीमावर्ती जंगलों में प्रवास करते है।


गजगामिनी

सठियाना रेन्ज में टूरिस्ट हट

दुधवा में रात्रि में पेट्रोलिंग करता भारतीय बाघ

हम इधर भी हैं!

जंगली सुअर

रात्रि का दृष्य: जंगली सुअर

अरे ये तो नाराज हो रहे है, और अपने जैकब्सन आर्गन का इस्तेमाल कर फ़ोटोग्राफ़र को परखने की कोशिश में है ।
(सभी तस्वीरें: © सतपाल सिंह- अप्रैल 2011)


सतपाल सिंह (वन्य-जीव फ़ोटोग्राफ़र, घूमना इनकी हॉबी है, नन्हे जीवों से लेकर विशाल जानवरों और धरती की सुन्दरता को कैमरे में कैद कर लेने की अदम्य इच्छा, जिला खीरी के मोहम्मदी में निवास, इनसे satpalsinghwlcn@gmail पर सम्पर्क कर सकते हैं। )

1 comments:

AJEET KUMAR SHAAH( ajeetkshaah@gmail.com) said...

nice photo including action, composition etc etc.
keep it up man

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आप के विचार!

विविधा

आओ प्यारे कम्प्युटर पर बाघ बचायें!
अरूणेश सी दवे, जहाँ तक रही बात प्रबुद्ध बाघ प्रेमियों की जो नचनियों की तरह सज-धज कर जंगल कम इन्टरनेट पर ज्यादा अवतरित होते हैं, तो उनके लिये मै इंटरनेट मे वर्चुअल अबुझमाड़ बनाने का प्रयास कर रहा हूं । ताकि वो अपनी कोरी कल्पनाओं और वर्चुअल प्रयासों को इस आभासी दुनिया में जाहिर कर अपनी ई-कीर्ति बढ़ा सकें।

सामुदायिक पक्षी सरंक्षण
पक्षियों के संरक्षण का जीवन्त उदाहरण: ग्राम सरेली कृष्ण कुमार मिश्र, लखीमपुर खीरी* उन्नीसवी सदी की शुरूवात में ब्रिटिश हुकूमत के एक अफ़सर को लहूलुहान कर देने से यह गाँव चर्चा में आया मसला था।
तो फ़िर उनसे सीखा हमने योग!
धीरज वशिष्ठ* 84 लाख प्रजातियां और 84 लाख योगासन: पक्षियों-जानवरों से सीखा हमने आसन: धार्मिक चैनलों और बाबा रामदेव के कार्यक्रमों ने आज योग को घर-घर तक पहुंचा दिया है।
नही रहा सुमित!
दुधवा लाइव डेस्क* हाँ हम बात कर रहे है उस हाथी कि जो दो मई २०१० को लखनऊ चिड़ियाघर से दुधवा नेशनल पार्क भेजा गया था! वजह साफ़ थी, कि अब वह बूढ़ा हो गया था

पर्यावरण

क्या वे राज धर्म से वाकिफ़ हैं!
कृष्ण कुमार मिश्र* भारत के कुछ पूर्व नेताओं ने मिसाले कायम की पर्यावरण व वन्य-जीव संरक्षण में

अबूझमाड़ के जंगल- जहाँ बाघ नही नक्सल राज करते हैं!
अरूणेश सी दवे* अबूझमाड़- एक प्राकृतिक स्वर्ग:

मुद्दा

क्या खत्म हो जायेगा भारतीय बाघ
कृष्ण कुमार मिश्र* धरती पर बाघों के उत्थान व पतन की करूण कथा:

दुधवा में गैडों का जीवन नहीं रहा सुरक्षित
देवेन्द्र प्रकाश मिश्र* पूर्वजों की धरती पर से एक सदी पूर्व विलुप्त हो चुके एक सींग वाले भारतीय गैंडा

हस्तियां

पदम भूषण बिली अर्जन सिंह
दुधवा लाइव डेस्क* नव-वर्ष के पहले दिन बाघ संरक्षण में अग्रणी भूमिका निभाने वाले महा-पुरूष पदमभूषण बिली अर्जन सिंह

एक ब्राजीलियन महिला की यादों में टाइगरमैन बिली अर्जन सिंह
टाइगरमैन पदमभूषण स्व० बिली अर्जन सिंह और मैरी मुलर की बातचीत पर आधारित इंटरव्यू:

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भारत की वन-नीति में बदलाव आवश्यक
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