International Journal of Environment & Agriculture
ISSN 2395 5791
"किसी राष्ट्र की महानता और नैतिक प्रगति को इस बात से मापा जाता है कि वह अपने यहां जानवरों से किस तरह का सलूक करता है"- मोहनदास करमचन्द गाँधी

जर्मनी द्वारा अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार "द बॉब्स" से सम्मानित पत्रिका "दुधवा लाइव"

Apr 29, 2011

दुधवा राष्ट्रीय उद्यान : एक चित्र-कथा

दुधवा टाइगर रिजर्व
एक चित्र-कथा
--सतपाल सिंह 

दुधवा की दक्षिण सोनारीपुर रेन्ज में भारतीय गैंण्डा।

भारतीय गैण्डा

भारतीय गैण्डा

दुधवा के ग्रासलैड

दुधवा की गलियों में रेड जंगल फ़ाउल (जंगली मुर्गा)

रेड जंगल फ़ाउल (जंगली मुर्गा)

सुहेली नदी जो जीवन रेखा है दुधवा के जंगलों और उसके वन्य जीवों की।

साँझ में सुहेली का एक दृष्य

दुधवा में जंगली हाथी जो नेपाल और भारत के सीमावर्ती जंगलों में प्रवास करते है।


गजगामिनी

सठियाना रेन्ज में टूरिस्ट हट

दुधवा में रात्रि में पेट्रोलिंग करता भारतीय बाघ

हम इधर भी हैं!

जंगली सुअर

रात्रि का दृष्य: जंगली सुअर

अरे ये तो नाराज हो रहे है, और अपने जैकब्सन आर्गन का इस्तेमाल कर फ़ोटोग्राफ़र को परखने की कोशिश में है ।
(सभी तस्वीरें: © सतपाल सिंह- अप्रैल 2011)


सतपाल सिंह (वन्य-जीव फ़ोटोग्राफ़र, घूमना इनकी हॉबी है, नन्हे जीवों से लेकर विशाल जानवरों और धरती की सुन्दरता को कैमरे में कैद कर लेने की अदम्य इच्छा, जिला खीरी के मोहम्मदी में निवास, इनसे satpalsinghwlcn@gmail पर सम्पर्क कर सकते हैं। )

1 comment:

  1. AJEET KUMAR SHAAH( ajeetkshaah@gmail.com)April 29, 2011 at 8:59 PM

    nice photo including action, composition etc etc.
    keep it up man

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विविधा

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