डायचे वेले जर्मनी द्वारा अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार "द बॉब्स" से सम्मानित पत्रिका "दुधवा लाइव"

International Journal of Environment & Agriculture, Vol.7, no 05, May 2017, ISSN 2395-5791

"किसी राष्ट्र की महानता और नैतिक प्रगति को इस बात से मापा जाता है कि वह अपने यहां जानवरों से किस तरह का सलूक करता है"- मोहनदास करमचन्द गाँधी

Dec 29, 2010

मेरी बाते दोहराती है, जो गाती हूँ वह गाती है !

छायाचित्र: गौरैया  © कृष्ण कुमार मिश्र  2010
सभ्यता नई सिखलाती है
-लवकुश मिश्र

गौरैया गुपचुप आती क्यों
दर्पण में चोच लड़ाती क्यों

पतझड़ का मौसम आया तो
पीपल ने पात गिराया तो

गौरैया का घर टूट गया
पीपल से नाता टूट गया

अब नई गृहस्थी रचे कहाँ
बच्चों से अण्डे बचें जहाँ

सहसा दर्पण पर आँख पड़ी 
भोली गौरैया चौक पड़ी

ये दुष्ट यही रहती है क्या 
सर्दी गर्मी सहती है क्या!

मैं आती हूँ तब आती है
मैं जाती हूँ तब जाती है

मेरी बाते दोहराती है
जो गाती हूँ वह गाती है

मैं कहती हूँ घर रचे साथ
सर्दी-गर्मी से बचे साथ

गौरैया अपनी छाया को
दर्पण में बैठी काया को

घोसला नया दिखलाती है
सभ्यता नई सिखलाती है

("लवकुश मिश्र" -लेखक धर्म सभा इण्टर कालेज लखीमपुर खीरी में शिक्षक हैं।}

इस कविता की कुछ पंक्तियां  कभी अपने एक पत्रकार साथी विकास सहाय से सुनी थी, संयोग से गौरैया और दर्पण की किस्सागोई के चित्र भी मुझे प्राप्त हो गये जिसे एक नर गौरैया ने बड़ी संजीदगी से अपनी विभिन्न भावमुद्राओं में  छायांकन का मौका मुझे दिया, जिनमें से एक मुद्रा का छायाचित्र इस कविता के साथ प्रस्तुत कर रहा हूँ। यह कविता जो इस चिड़िया के मार्फ़त हमसे इन्सानी जिन्दगी (फ़ितरत) की कहानी बयां कर रही है, सहज शब्दों में जिनमें सदियों पुरानी दार्शनिकता परिलक्षित होती है ! जिसे आप सब से साझा कर रहा हूँ।

कृष्ण कुमार मिश्र
मॉडरेटर
दुधवा लाइव   

4 comments:

बी एस पाबला said...

कविता के साथ मनमोहक चित्र भी

बढ़िया

Suman said...

घोसला नया दिखलाती है
सभ्यता नई सिखलाती है.nice

Anonymous said...

athi utham!!
www.iseeebirds.blogspot.com

kartut said...

bahut din ke baad dudhwalive per achcha padhne ko mila hai...achchi kawita hai lovekush jee ko hame jante hain....bahut achche insan hain wo...unnke lekhan ka ab pata chala......vivek

Post a Comment

आप के विचार!

विविधा

आओ प्यारे कम्प्युटर पर बाघ बचायें!
अरूणेश सी दवे, जहाँ तक रही बात प्रबुद्ध बाघ प्रेमियों की जो नचनियों की तरह सज-धज कर जंगल कम इन्टरनेट पर ज्यादा अवतरित होते हैं, तो उनके लिये मै इंटरनेट मे वर्चुअल अबुझमाड़ बनाने का प्रयास कर रहा हूं । ताकि वो अपनी कोरी कल्पनाओं और वर्चुअल प्रयासों को इस आभासी दुनिया में जाहिर कर अपनी ई-कीर्ति बढ़ा सकें।

सामुदायिक पक्षी सरंक्षण
पक्षियों के संरक्षण का जीवन्त उदाहरण: ग्राम सरेली कृष्ण कुमार मिश्र, लखीमपुर खीरी* उन्नीसवी सदी की शुरूवात में ब्रिटिश हुकूमत के एक अफ़सर को लहूलुहान कर देने से यह गाँव चर्चा में आया मसला था।
तो फ़िर उनसे सीखा हमने योग!
धीरज वशिष्ठ* 84 लाख प्रजातियां और 84 लाख योगासन: पक्षियों-जानवरों से सीखा हमने आसन: धार्मिक चैनलों और बाबा रामदेव के कार्यक्रमों ने आज योग को घर-घर तक पहुंचा दिया है।
नही रहा सुमित!
दुधवा लाइव डेस्क* हाँ हम बात कर रहे है उस हाथी कि जो दो मई २०१० को लखनऊ चिड़ियाघर से दुधवा नेशनल पार्क भेजा गया था! वजह साफ़ थी, कि अब वह बूढ़ा हो गया था

पर्यावरण

क्या वे राज धर्म से वाकिफ़ हैं!
कृष्ण कुमार मिश्र* भारत के कुछ पूर्व नेताओं ने मिसाले कायम की पर्यावरण व वन्य-जीव संरक्षण में

अबूझमाड़ के जंगल- जहाँ बाघ नही नक्सल राज करते हैं!
अरूणेश सी दवे* अबूझमाड़- एक प्राकृतिक स्वर्ग:

मुद्दा

क्या खत्म हो जायेगा भारतीय बाघ
कृष्ण कुमार मिश्र* धरती पर बाघों के उत्थान व पतन की करूण कथा:

दुधवा में गैडों का जीवन नहीं रहा सुरक्षित
देवेन्द्र प्रकाश मिश्र* पूर्वजों की धरती पर से एक सदी पूर्व विलुप्त हो चुके एक सींग वाले भारतीय गैंडा

हस्तियां

पदम भूषण बिली अर्जन सिंह
दुधवा लाइव डेस्क* नव-वर्ष के पहले दिन बाघ संरक्षण में अग्रणी भूमिका निभाने वाले महा-पुरूष पदमभूषण बिली अर्जन सिंह

एक ब्राजीलियन महिला की यादों में टाइगरमैन बिली अर्जन सिंह
टाइगरमैन पदमभूषण स्व० बिली अर्जन सिंह और मैरी मुलर की बातचीत पर आधारित इंटरव्यू:

Featured Post

क्षमा करो गौरैया...

Image Courtesy: Sue Van Coppenhagen  संस्मरण गौरैया और मैं -- (3) ....डा0 शशि प्रभा बाजपेयी बात उस समय की है जब घर के नाम पर ...

वन्य-जीव

भारत की वन-नीति में बदलाव आवश्यक
देवेन्द्र प्रकाश मिश्र* आजादी के बाद बनी भारतीय वन-नीति की समीक्षा वर्ष 1988 में की गई थी।

घायल तेन्दुए को जंगल में छोड़ा गया
दुधवा लाइव डेस्क* अधूरे इलाज के बाद जंगल में छोड़ा गया घायल तेन्दुआ!