वन्य जीवन एवं पर्यावरण

International Journal of Environment & Agriculture ISSN 2395 5791

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बीती सदी में बापू ने कहा था

"किसी राष्ट्र की महानता और नैतिक प्रगति को इस बात से मापा जाता है कि वह अपने यहां जानवरों से किस तरह का सलूक करता है"- मोहनदास करमचन्द गाँधी

ये जंगल तो हमारे मायका हैं

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May 4, 2022

एक गुज़रे हुए ज़माने की बात: आम की वह पुरानी बागें औऱ बुजुर्गो की चौपालें!

May 04, 2022 0
  पुरखों के बगीचे में पुरानी आम की बाग जिसकी एक एक अमिया (कच्चा आम) मेरे लिए एक एक करोड़ की हैं अब बात करोङ की नही है हमने तो देखे भी नही करो...
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Jun 7, 2020

अमृता की लताएं क्या कोरोना को बेक़ाबू होने से रोक सकती हैं?

June 07, 2020 0
अमृता की लताएं क्या कोरोना को बेक़ाबू होने से रोक सकती हैं? कोरोना के इस काल चक्र में जहां सारी दुनिया के मुल्क़ टीके को ईज़ाद करने ...
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Apr 14, 2020

जर्मनी द्वारा अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार "द बॉब्स" से सम्मानित पत्रिका "दुधवा लाइव"

हस्तियां

पदम भूषण बिली अर्जन सिंह
दुधवा लाइव डेस्क* नव-वर्ष के पहले दिन बाघ संरक्षण में अग्रणी भूमिका निभाने वाले महा-पुरूष पदमभूषण बिली अर्जन सिंह

एक ब्राजीलियन महिला की यादों में टाइगरमैन बिली अर्जन सिंह
टाइगरमैन पदमभूषण स्व० बिली अर्जन सिंह और मैरी मुलर की बातचीत पर आधारित इंटरव्यू:

मुद्दा

क्या खत्म हो जायेगा भारतीय बाघ
कृष्ण कुमार मिश्र* धरती पर बाघों के उत्थान व पतन की करूण कथा:

दुधवा में गैडों का जीवन नहीं रहा सुरक्षित
देवेन्द्र प्रकाश मिश्र* पूर्वजों की धरती पर से एक सदी पूर्व विलुप्त हो चुके एक सींग वाले भारतीय गैंडा

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