International Journal of Environment & Agriculture
ISSN 2395 5791
"किसी राष्ट्र की महानता और नैतिक प्रगति को इस बात से मापा जाता है कि वह अपने यहां जानवरों से किस तरह का सलूक करता है"- मोहनदास करमचन्द गाँधी

जर्मनी द्वारा अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार "द बॉब्स" से सम्मानित पत्रिका "दुधवा लाइव"

Jan 6, 2016

तराई के जंगलों में दो बाघों की मौत, बाघ सरंक्षण मुहिम एक बार फिर सवालों के घेरें में...

दक्षिण खीरी वन प्रभाग में गन्ने के खेत में मिला मृत बाघ का शव 
खीरी, 3 जनवरी-दुधवा नेशनल पार्क के करीब साउथ खीरी वन क्षेत्र में रविवार दोपहर एक बाघ की लाश मिलने से सनसनी फैल गयी। भीरा वन रेंज में एक गन्ने के खेत में बाघ का कई हफ्ते पुराना शव पाया गया है। बाघ के शव की हालत ऐसी हो चुकी है कि यह भी पहचान होनी मुश्किल है कि बाघ नर है या मादा लेकिन बाघ के नाखून और दांत सुरक्षित मिलने से शिकार की आशंका को वन अधिकारी नकार रहे हैं। शव को पोस्टमार्टम के लिए आईवीआरआई बरेली भेजने की तैयारी हो रही है।
बाघ का शव रविवार दोपहर भीरा इलाके के एक गन्ने के खेत में देखा गया। यह खेत दुधवा पार्क के करीब और शारदा नदी की तलहटी में है। दोपहर के वक्त गन्ना छील रहे मजदूर जब खेत के अंदर गए तो वहां उनको बाघ की लाश मिली। बाघ का यह शव पूरी तरह से सड़ चुका था। उससे बदबू उठ रही थी और यह कई दिन पुराना लग रहा था। सूचना पर डीएफओ साउथ खीरी नीरज कुमार, दुधवा पार्क के उप निदेशक पीपी सिंह भी पहुंच गए।
दुधवा के डिप्टी डायरेक्टर पीपी सिंह ने बताया कि बरामद शव टाइगर का ही है। शव सड़ने के बाद भी बाघ के नाखून और सभी दांत प्री मेलर से लेकर केनाइन तक सुरक्षित हैं। दांतों को देखने से वे घिसे हुए लग रहे हैं, जिससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि यह बूढ़ा और शिकार करने के नाकाबिल हो चुका बाघ था। अधिकारियों ने शिकार जैसी आशंका से इंकार किया है।


किशन पुर वन्यजीव विहार में मिला मृत बाघ शावक 

खीरी, ४ जनवरी-दुधवा टाइगर रिजर्व की किशनपुर सेंक्चुरी में सोमवार सुबह बाघ शावक का शव बरामद हुआ है। शावक की उम्र एक साल के करीब है। उसके पिछले हिस्से का मांस गायब है और पिछला पैर भी धड़ से अलग है। दुधवा के उप निदेशक पीपी सिंह ने शावक का शव मिलने की पुष्टि की है।
रविवार को दुधवा जंगल के करीब एक बूढ़े बाघ का शव मिलने के बाद वन विभाग सवालों में घिरा हुआ था। इस बीच सोमवार सुबह एक और खबर ने बाघ संरक्षण की मुहिम को कटघरे में खड़ा कर दिया। दुधवा टाइगर रिजर्व के किशनपुर सैंक्चुरी क्षेत्र में झादी ताल के पास एक बाघ शावक का शव मिला है। शव पाए जाने की लोकेशन जंगल के कोर जोन में मचान नंबर एक के पास बताई गई।
मौके पर पहुंचे वन अधिकारियों के मुताबिक, बाघ शावक के पिछले हिस्से का मांस गायब था। उसका पिछला पैर भी शरीर से अलग हुआ पड़ा था। दुधवा नेशनल पार्क के उप निदेशक पीपी सिंह ने बाघ शावक का शव मिलने की पुष्टि करते हुए बताया कि इस शावक की मौत किसी नर बाघ के हमले में हुई है। बाघ के शावक को वयस्क बाघ अक्सर मारकर खा जाते हैं। वन विभाग ने बाघ शावक के शव को कब्जे में ले लिया है। उसको पोस्टमार्टम के लिए आईवीआरआई बरेली भेजा जाएगा।
दुधवा लाइव डेस्क 

1 comment:

  1. Ah!! very sad! I am afraid if the tigers are going to dead so regularly then its become dangerous for us....

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