International Journal of Environment & Agriculture
ISSN 2395 5791
"किसी राष्ट्र की महानता और नैतिक प्रगति को इस बात से मापा जाता है कि वह अपने यहां जानवरों से किस तरह का सलूक करता है"- मोहनदास करमचन्द गाँधी

जर्मनी द्वारा अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार "द बॉब्स" से सम्मानित पत्रिका "दुधवा लाइव"

Sep 11, 2015

दुधवा लाइव एवं प्राथमिक शिक्षक संघ ने लगवाये २१ ट्री- गार्ड


 १८५७ की क्रान्ति के महानायक राजा लोने सिंह की गढ़ी पर पौधरोपण 
जनमानस ने १५८ वर्ष पुराने शिव मंदिर में की पूजा- अर्चना 
सरकार से विरासत को सरंक्षित करने की मांग 

मितौली-खीरी, प्रथम स्वाधीनता दिवस के महानायक राजा लोने सिंह की गढ़ी पर दुधवा लाइव संगठन के संस्थापक सम्पादक एवं राजा लोने सिंह गढ़ी सरंक्षण समिति के संयोजक  कृष्ण कुमार मिश्र ने द्वतीय चरण में आम पीपल नीम अमरुद इमली के पौधे रोपित किए इस कार्यक्रम में पूर्व प्रधान उपेन्द्र सिंह, श्रीकृष्ण भार्गव, युवा व्यापार मंडल अद्यक्ष मितौली अमित गुप्ता, गन्ना समिति के डाइरेक्टर प्रकाश वर्मा, महबूब, नितिन पाण्डेय, मुर्तजा, रामकुमार, खेमकरन ने अपनी भागीदारी की. मितौली गढ़ी पर लोहे के २१ ट्री गार्ड लगाकर पौधों की सुरक्षा सुनिश्चित की गयी.


पौधरोपण के कार्यक्रम के बाद स्थानीय जनमानस ने २०० की तादाद में आकर गढ़ी पर मौजूद १५८ वर्ष पुराने शिव मंदिर में पूजा अर्चना की , प्राचीन मन्दिर व् गढ़ी के सरंक्षण में मितौली क्षेत्रवासियों ने उत्तर प्रदेश सरकार से इस महान विरासत को सरंक्षित करने की मांग की.



"गढ़ देवेश्वर महादेव के १५८ वर्ष प्राचीन मंदिर में मितौली का स्थानीय जनमानस"




दुधवा लाइव डेस्क 




0 comments:

Post a Comment

आप के विचार!

विविधा

आओ प्यारे कम्प्युटर पर बाघ बचायें!
अरूणेश सी दवे, जहाँ तक रही बात प्रबुद्ध बाघ प्रेमियों की जो नचनियों की तरह सज-धज कर जंगल कम इन्टरनेट पर ज्यादा अवतरित होते हैं, तो उनके लिये मै इंटरनेट मे वर्चुअल अबुझमाड़ बनाने का प्रयास कर रहा हूं । ताकि वो अपनी कोरी कल्पनाओं और वर्चुअल प्रयासों को इस आभासी दुनिया में जाहिर कर अपनी ई-कीर्ति बढ़ा सकें।

सामुदायिक पक्षी सरंक्षण
पक्षियों के संरक्षण का जीवन्त उदाहरण: ग्राम सरेली कृष्ण कुमार मिश्र, लखीमपुर खीरी* उन्नीसवी सदी की शुरूवात में ब्रिटिश हुकूमत के एक अफ़सर को लहूलुहान कर देने से यह गाँव चर्चा में आया मसला था।
तो फ़िर उनसे सीखा हमने योग!
धीरज वशिष्ठ* 84 लाख प्रजातियां और 84 लाख योगासन: पक्षियों-जानवरों से सीखा हमने आसन: धार्मिक चैनलों और बाबा रामदेव के कार्यक्रमों ने आज योग को घर-घर तक पहुंचा दिया है।
नही रहा सुमित!
दुधवा लाइव डेस्क* हाँ हम बात कर रहे है उस हाथी कि जो दो मई २०१० को लखनऊ चिड़ियाघर से दुधवा नेशनल पार्क भेजा गया था! वजह साफ़ थी, कि अब वह बूढ़ा हो गया था