डायचे वेले जर्मनी द्वारा अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार "द बॉब्स" से सम्मानित पत्रिका "दुधवा लाइव"

International Journal of Environment & Agriculture, Vol.7, no 04, April 2017, ISSN 2395-5791

"किसी राष्ट्र की महानता और नैतिक प्रगति को इस बात से मापा जाता है कि वह अपने यहां जानवरों से किस तरह का सलूक करता है"- मोहनदास करमचन्द गाँधी

Aug 20, 2015

पन्ना टाइगर रिजर्व में बाघिन की संदिग्ध मौत



वन परिक्षेत्र पन्ना के बीट राजाबरिया में मृत पाई गई बाघिन पन्ना - 233 
घटना से टाइगर रिजर्व में शोक का माहौल 

पन्ना, 14 अगस्त का. 
म.प्र. के पन्ना टाइगर रिजर्व में दो वर्ष की आयु वाली अर्धवयस्क बाघिन पन्ना 233 संदिग्ध परिस्थितियों में आज पन्ना वन परिक्षेत्र के बीट राजाबरिया में मृत पाई गई है। बाघिन की मौत की खबर से पन्ना टाइगर रिजर्व में जहां शोक का माहौल है वहीं वन्य जीव प्रेमी भी हैरान हैं. बाघिन की मौत कैसे व किन परिस्थतियों में हुई अभी इस बात का खुलासा नहीं हो सका है. 

उल्लेखनीय है कि बाघिन पन्ना-233 कान्हा टाइगर रिजर्व सेे आई बाघिन टी-2 की तीसरी संतान की तीसरी अर्धवयस्क बाघिन है.  इसका जन्म 13 जुलाई 2013 को हुआ था। यह अपनी मां टी-2 के साथ लगभग 20 माह रहने के बाद जब मां से अलग रहने लगी तो इसके अनुश्रवण के उद्देश्य से 24 मई 2015 को रेडियो कालर किया गया था। रेडियो कालर पहनाने के बाद इसकी सतत मानीटरिंग की जा रही थी। पन्ना-233 एवं पन्ना-234 दोनों बाघिनें एक ही क्षेत्र में अपनी जगह स्थापित करने के प्रयास में थी। क्षेत्र संचालक पन्ना टाइगर रिजर्व आलोक कुमार ने बताया कि 09 अगस्त 2015 को दोनों के बीच में आपसी लड़ाई भी हुई थी। इसके बाद दोनों बाघिनों की लगातार मानीटरिंग की जा रही थी। इस मानीटरिंग के दौरान ही इसे आज दिनांक 14 अगस्त को मृत पाया गया है।


मृत बाघिन के सभी अबयब सुरक्षित पाये गये। पन्ना-233 का पोस्ट मार्टम डा0 संजीव कुमार गुप्ता, वन्यप्राणी चिकित्सक पन्ना टाइगर रिजर्व के द्वारा किया गया है। इसके बिसरा आदि के सेम्पल एकत्रित किये गये हैं जिन्हें परीक्षण हेतु सेण्टर फार वाइल्ड लाइफ  फॉरेन्सिक एण्ड हेल्थ जबलपुर एवं फॉरेन्सिक लैब सागर एवं रायबरेली भेजा जा रहा है। रिपोर्ट प्राप्त होने के उपरान्त ही मृत्यु का कारण स्पष्ट हो सकेगा। पोस्ट मार्टम उपरान्त मृत बाघिन का दाह संस्कार किया गया। इस सम्पूर्ण कार्यवाही में क्षेत्र संचालक पन्ना टाइगर रिजर्व, सहायक संचालक पन्ना, मड़ला, अधीक्षक केन घडिय़ाल अभयारण्य खजुराहो, परिक्षेत्र अधिकारी पन्ना, राजेश दीक्षित एडवोकेट प्रतिनिधि राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण एवं पत्रकार शामिल रहे।

अरुण सिंह 
पन्ना - मध्य प्रदेश 
aruninfo.singh08@gmail.com

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