डायचे वेले जर्मनी द्वारा अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार "द बॉब्स" से सम्मानित पत्रिका "दुधवा लाइव"

International Journal of Environment & Agriculture, Vol.7, no 06, June 2017, ISSN 2395-5791

"किसी राष्ट्र की महानता और नैतिक प्रगति को इस बात से मापा जाता है कि वह अपने यहां जानवरों से किस तरह का सलूक करता है"- मोहनदास करमचन्द गाँधी

Jul 2, 2015

दुधवा नेशनल पार्क में फिर एक गैंडे की मौत



दुधवा में  गैंडा परियोजन को एक और झटका

पलियाकलां। दुधवा नेशनल पार्क की सोनारीपुर रेंज के सलूकापुर गैंडा परियोजना क्षेत्र में बुधवार को दो गैंडों के बीच संघर्ष हो गया। संघर्ष इतना जोरदार था कि इसमें एक गैंडे की मौत हो गई। सूचना मिलते ही वार्डेन एनके उपाध्याय मौके पर पहुंच गए और मौका मुआयना किया। 

दुधवा नेशनल पार्क के सोनारीपुर रेंज में सलूकापुर गैंडा परियोजना क्षेत्र के अम्हा फांटा में बुधवार को दोपहर में एक गैंडे का शव देखा गया। उसके शरीर पर कई जख्म थे सूचना वार्डेन को दी गई जिस पर वार्डेन एनके उपाध्याय मौके पर पहुंचे और मुआयना किया। घटना स्थल पर गैंडों में संघर्ष की पुष्टि हुई है। पार्क अधिकारियों के मुताबिक गैंडों में काफी देर तक संघर्ष हुआ है जिससे एक गैंडे की मौत हो गई है। उसके शरीर पर कई जगह जख्म मिले हैं। गैंडे की संघर्ष में हुई मौत से पार्क को एक और तगड़ा झटका लगा है।
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तीन डॉक्टरों के पैनल ने किया पोस्टमार्टम
मृत गैंडे का पोस्टमार्टम तीन डॉक्टरों के पैनल ने पार्क में ही किया है। पैनल में डॉ. जेबी सिंह, डॉ. सौरभ सिंघई और डॉ. नेहा सिंघई शामिल रहे।
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सुहेली की बताई जा रही तीसरी संतान,  छह साल थी उम्र
मरने वाला गैंडा सुहेली मादा की तीसरी संतान बताई जा रही है। बताया गया है कि उसकी उम्र करीब छह साल थी।
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पोस्टमार्टम रिपोर्ट घहरे घावों की वजह से हुई मौत
तीन डॉक्टरों के पैनल ने गैंडे की पोस्टमार्टम रिपोर्ट पार्क प्रशासन को सौंप दी है। वार्डेन के मुताबिक रिपोर्ट में गैंडे की मौत आपसी संघर्ष में आए गहरे जख्मों की वजह से होना पाया गया है।
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महबूब आलम 
पलिया -खीरी 
 m.alamreporter@gmail.com


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