डायचे वेले जर्मनी द्वारा अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार "द बॉब्स" से सम्मानित पत्रिका "दुधवा लाइव"

International Journal of Environment & Agriculture, Vol.7, no 06, June 2017, ISSN 2395-5791

"किसी राष्ट्र की महानता और नैतिक प्रगति को इस बात से मापा जाता है कि वह अपने यहां जानवरों से किस तरह का सलूक करता है"- मोहनदास करमचन्द गाँधी

Jul 1, 2015

बाघ शावकों से गुलजार हुआ पन्ना टाइगर रिजर्व



तीन माह की अवधि में तीन बाघिनों ने दिया शावकों को जन्म
वयस्क सभी 6 बाघिनों के साथ घूम रहे 15 से अधिक शावक 

बाघों के बावत पन्ना टाइगर रिजर्व से अरुण सिंह की ख़ास रिपोर्ट
पन्ना, 1 जून -
म.प्र. का पन्ना टाइगर रिजर्व इन दिनों बाघ शावकों से गुलजार है. यहां विगत तीन माह की अवधि में तीन बाघिनों ने 6 शावकों को जन्म दिया है. इस तरह से टाइगर रिजर्व में मौजूद सभी वयस्क 6 बाघिनें अपने 15 से भी अधिक शावकों को साथ में लेकर स्वच्छन्द विचरण कर रही हैं. पन्ना टाइगर रिजर्व में बाघ पुर्नस्थापना योजना की यह अनोखी सफलता विस्मय विमुग्ध कर देने वाली है. वर्तमान में यहां बाघों की कुल संख्या 32 हो गई है, जबकि 8 नर बाघ बाहर हैं.

उल्लेखनीय है कि जिस जंगल में बाघ का रहवास होता है वह जंगल समृद्ध और अच्छा माना जाता है. बाघ की मौजूदगी जंगल के बेहतर स्वास्थ्य का परिचायक है. इस लिहाज से पन्ना का जंगल बाघों के लिए अनुकूल और उत्तम रहवास साबित हुआ है. बाघ पुर्नस्थापना योजना शुरू होने के बाद बीते पांच सालों में यहां 41 बाघ शावकों का जन्म हुआ, जिनमें सिर्फ 6 शावकों की मृत्यु हुई. इस तरह से यहां पर बाघ शावकों का सरवाइवल रेट 85 फीसदी से भी अधिक है जो किसी चमत्कार से कम नहीं है. पन्ना टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक आर.श्रीनिवास मूर्ति इस अनोखी सफलता का श्रेय टीम वर्क तथा पन्ना एवं बुन्देलखण्ड के सभी आम व खास लोगों को देते हैं. श्री मूर्ति ने आज पत्रकारों को बताया कि पन्ना टाइगर रिजर्व में मौजूद सभी वयस्क बाघिनें शावकों के साथ हैं, इन शावकों में ढाई माह से लेकर 18 माह तक के शावक हैं.

क्षेत्र संचालक श्री मूर्ति ने बताया कि विगत तीन माह के अन्तराल में जिन तीन बाघिनों ने शावकों को जन्म दिया है, उनमें बाघिन टी - 2, टी - 5 एवं पन्ना - 222 हैं. बाघिन टी - 2 ने तीन शावकों को जन्म दिया है जो लगभग 3 माह के आयु के हैं. जबकि बाघिन टी - 5 के सिर्फ एक शावक को ही प्रत्यक्ष रूप से देखा जा सका है. बाघिन पन्ना - 222 के साथ दो शावक देखे गये हैं. इन तीन बाघिनों के अलावा पन्ना - 213 के साथ चार शावक, बाघिन टी - 1 के साथ 2 शावक तथा बाघिन टी - 6 के साथ 3 शावक विचरण कर रहे हैं. इन बाघिनों में सिर्फ पन्ना - 213 के चार शावकों के लिंग की पहचान हुई हैं, जिनमें 3 मादा व एक नर शावक है.

बाघों का लिंग अनुपात भी हुआ बेहतर
सबसे उत्साहजनक और सुखद बात यह है कि पन्ना टाइगर रिजर्व में नर व मादा बाघों की संख्या का अनुपात पूर्व से काफी बेहतर हुआ है. क्षेत्र संचालक श्री मूर्ति ने बताया कि यहां पर वयस्क बाघिन 6 व अर्ध वयस्क बाघिनों की संख्या 5 है. जबकि नर वयस्क 4 व अर्ध वयस्क 5 हैं. इस तरह से मौजूदा समय बाघों की तुलना में बाघिनों की संख्या अधिक है जो शुभ संकेत है. श्री मूर्ति ने बताया कि पन्ना टाइगर रिजर्व बाघों की नर्सरी के रूप में विकसित हुआ है. यहां जन्म लेने वाले शावक अब कोर क्षेत्र से बाहर निकल कर समूचे विन्ध्य व बुन्देलखण्ड क्षेत्र के जंगल को आबाद कर रहे हैं. पन्ना के बाघों के दहाड़ आने वाले समय में हर तरफ सुनाई देगी.
फोटो  - पन्ना की बाघिन अपने दो शावकों के साथ 

अरुण सिंह 
पन्ना- मध्य प्रदेश, भारत 
aruninfo.singh08@gmail.com

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