डायचे वेले जर्मनी द्वारा अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार "द बॉब्स" से सम्मानित पत्रिका "दुधवा लाइव"

International Journal of Environment & Agriculture, Vol.7, no 06, June 2017, ISSN 2395-5791

"किसी राष्ट्र की महानता और नैतिक प्रगति को इस बात से मापा जाता है कि वह अपने यहां जानवरों से किस तरह का सलूक करता है"- मोहनदास करमचन्द गाँधी

Oct 12, 2014

उत्तर प्रदेश सरकार ने दुधवा लाइव को किया सम्मानित


पर्यावरण के क्षेत्र में जागरूकता अभियान व् पर्यावरण एवं वन्य जीवन के सरंक्षण में योगदान के लिए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा डिजिटल एम्पावरमेंट प्रोग्राम के तहत दुधवा लाइव ई पत्रिका के संस्थापक/सम्पादक कृष्ण कुमार मिश्र को ११ अक्टूबर २०१४ को क्लार्क्स अवध में आयोजितई उत्तरा एवार्ड समारोह में सम्मानित किया. कार्यक्रम का उदघाटन उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव आलोक रंजन ने किया व् एवार्ड वितरण के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री अभिषेक मिश्रा उपस्थित रहे.




पूरे उत्तर प्रदेश में प्रत्येक जनपद से जिलाधिकारियों एवं इंटरनेट के माध्यम से नामांकन हुए जिनमे विभिन्न क्षेत्रों से  कुल १३७ नामांकन शामिल किए गए. कृषि एवं पर्यावरण में १४ नामांकन थे जिनमे अंतिम चरण में ५ नामांकनों को शामिल किया गया. पूरे उत्तर प्रदेश में पर्यावरण के क्षेत्र में बेहतर कार्य करने के लिए दुधवा लाइव पत्रिका को फाइनलिस्ट की श्रेणी में ई उत्तरा पुरस्कार दिया गया.




गौरतलब है सन २०१३ में जर्मन सरकार के डाईचे वैले संस्थान ने १४ भाषाओं में विशिष्ट कार्य करने वाले विभिन्न देशों के लोगों में भारत से दुधवा लाइव को हिन्दी भाषा में श्रेष्ठ कार्य करने के लिए "द बाब्स"  पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है.



भारत के उत्तर प्रदेश की तराई में मौजूदवनों व् कृषि क्षेत्रों में मौजूद जैव विविधिता के अध्ययन व् सरंक्षण में दुधवा लाइव पिछले पांच वर्षों से प्रयत्नशील है. पर्यावरण सरंक्षण व् गौरैया बचाओ अभियान जैसे जमीनी कार्यक्रमों द्वारा लोगों में गाँव गाँव तक पर्यावरण के प्रति जागरूकता फैलाने का कार्य किया है.



दुधवा लाइव उत्तर प्रदेश के अतिरिक्त भारत के सरंक्षित क्षेत्रों के वन्य जीवों व् वनस्पतियों के सन्दर्भ में भी समय समय पर खबरे प्रकाशित करता आया है साथ ही दुनिया के तमाम देशों से पर्यावरण व् वन्य जीवन की कहानियों को दुधवा लाइव  पत्रिका में स्थान मिलता रहता है ताकि जनमानस की रूचि जीवों एवं पर्यावरण के सरंक्षण में बढ़ सके.

दुधवा लाइव ने बुंदेलखंड के अवैध खनना व् जल माफियाओं की ख़बरों को प्रमुखता से जगह दी ताकि बुंदेलखंड की धरती पर बहती नदियाँ सदानीरा रह सके.

दुधवा लाइव के प्रोजेक्ट "रेजिंग एन्वायरमेंटल अवेअरनेस थ्रू दुधवा लाइव ई मैगजीन " को डिजिटल एम्पावरमेंट फाउन्डेसन व् द पब्लिक इंटरेस्ट रजिस्ट्री संस्थान व् उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्रकाशित किताब में प्रमुखता से जगह दी है.


प्रकृति की कहानियों को संजोने का यह कार्य करते हुए दुधवा लाइव पत्रिका को पांच वर्ष हो गए, भविष्य में वन्य जीवन सरंक्षण, पशु क्रूरता के खिलाफ आवाज़, नदियों-तालाबों के सरंक्षण, व् कृषि क्षेत्र में मौजूद जैव विवधिता के सरंक्षण में हम यूं ही काम करते रहे इसके लिए आप सभी का सहयोग व् स्नेह की आकांक्षा है.

डेस्क दुधवा लाइव

1 comments:

अमित वर्मा said...

दुधवा लाइव के इस उत्कृष्ट योगदान हेतु तमाम बधाइयाँ ....ईश्वर से यही कामना है कि दुधवा लाइव भविष्य में भी इस परम्परा को कायम रखते हुए सतत नई बुलंदियों की ओर अग्रसर हों...!!!

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