डायचे वेले जर्मनी द्वारा अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार "द बॉब्स" से सम्मानित पत्रिका "दुधवा लाइव"

International Journal of Environment & Agriculture, Vol.7, no 06, June 2017, ISSN 2395-5791

"किसी राष्ट्र की महानता और नैतिक प्रगति को इस बात से मापा जाता है कि वह अपने यहां जानवरों से किस तरह का सलूक करता है"- मोहनदास करमचन्द गाँधी

Dec 26, 2010

दुधवा टाइगर रिजर्व में मिला तेन्दुए का शव

दुधवा में फ़िर हुआ शिकार?
किशनपुर सेंक्चुरी में तेन्दुए का मिला शव..../  
दुधवा में अलर्ट के बाद हुई वारदात....
वन्य जीवों की सुरक्षा पर सवाल ?

दुधवालाइव डेस्क (खीरी) सूत्रों से अभी मिली सूचना के मुताबिक दुधवा टाइगर रिजर्व के अन्तर्गत किशनपुर वन्य जीव विहार में एक तेन्दुए को मृत अवस्था में पाया गया है। सूत्रों के मुताबिक तेन्दुए की मौत तारों के फ़न्दे में फ़ंसकर हुई ऐसा बताया जा रहा हैं, चूकिं वन-विभाग द्वारा यहाँ अलर्ट जारी किया गया था, और पूर्व में भी शिकार की घटनाये होती रही है, इसलिए इस बात से भी इनकार नही किया जा सकता की इस तेन्दुए का शिकार हुआ हो। फ़िलहाल दुधवा टाइगर रिजर्व का प्रशासन इस घटना की जाँच में जुटा हुआ हैं।

बताया जा रहा है, कि तेन्दुए का शव कटैया वन-चौकी से थोड़ी ही दूर पर तार से लिपटा मिला है, इससे इससे आशंका व्यक्त की जा रही है कि तेन्दुए का शिकार हुआ है, किशनपुर सेंक्चुरी शिकारियो के निशाने पर पहले से ही थी, और पार्क की प्रशासन उस पर नज़र और चौकसी भी बढाये हुए था, पर तेन्दुए की इस तरह मिली लाश ने एकबार फ़िर वन्य जीवों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए है। किशनपुर सेंक्चुरी में बाघ और तेन्दुओं  के शिकार की घटनायें पूर्व में भी होती रही हैं, और शिकारियों को  दुधवा टाइगर रिजर्व प्रशासन  द्वारा हवालात के पीछे पहुचांया गया, अभी कुछ महीने पहले ही एक तेन्दुए को किशनपुर गांव के निकट गन्ने के खेत में शिकारियों ने एक तेन्दुए को खुड़के में फ़ंसा लिया था, हालांकि इसकी जान बच गयी थी, पर इसका एक पैर घायल हो गया था, बाद में वन विभाग ने इलाज़ के बाद जंगल में छोड़ दिया था.....इस घटना के बाद  प्रशासन ने सुरक्षा और गस्त को और तेज कर दिया था, पर शायद शिकारियों के हौसलों के आगे सरकारी महकमा बौना ही साबित हो  रहा है...और आये दिन शिकार की घटनाये बढती जा रही हैं।

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