डायचे वेले जर्मनी द्वारा अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार "द बॉब्स" से सम्मानित पत्रिका "दुधवा लाइव"

International Journal of Environment & Agriculture, Vol.7, no 06, June 2017, ISSN 2395-5791

"किसी राष्ट्र की महानता और नैतिक प्रगति को इस बात से मापा जाता है कि वह अपने यहां जानवरों से किस तरह का सलूक करता है"- मोहनदास करमचन्द गाँधी

May 31, 2016

तालाब बचेंगे तो धरती की गाढ़ी हरियल हरियाली भी आबाद रहेगी


तालाब सरंक्षण की मुहिम के तहत सिकन्द्राबाद में की गयी तालाबों की खुदाई।
जल सरंक्षण पर दुधवा लाइव द्वारा आयोजित की गयी गोष्ठी
जिला अल्पसंख्यक कल्याण विभाग द्वारा मदरसों को तालाब गोद लेने की सिफारिश

सिकन्दराबाद-खीरी, जिला अल्पसंख्यक कल्याण विभाग एवं दुधवा लाइव डॉट कॉम के सहयोग से तालाब बचाओ जन अभियान के तहत कुम्भी विकास क्षेत्र के ग्राम सिकन्दराबाद में एक विशाल जन सभा का आयोजन हुआ, जिसमे ग्रामीणों के अलावा मदरसा हुसैनिया ग़रीब नवाज़ के छात्र छात्राओं ने हिस्सा लिया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता विधान परिषद सदस्य शशांक यादव ने की, विशिष्ठ अतिथि के तौर पर  विधान सभा गोला के विधायक विनय तिवारी, व् विधान सभा कस्ता के विधायक सुनील कुमार लाला मौजूद रहे और ग्रामीणों का जल सरंक्षण के लिए उत्साहवर्धन किया, कार्यक्रम में जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी डॉ प्रियंका अवस्थी ने बच्चों से शपथ ली की पानी का बेजा इस्तेमाल न करे।

मोहम्मदी नगरपालिका के पूर्व चेयरमैन मोबीन खान ने कहा की पानी बुनियादी जरूरत है और खीरी जनपद में हमें लोगों को जल सरंक्षण के लिए तैयार करना होगा, ताकि हम दुनिया के लिए मिशाल बन सकें।

विधायक विनय तिवारी ने तराई में भी जल संकट की आहट का ज़िक्र किया और ग्राम सभाओं में तालाबों के उद्धार के लिए पूर्ण सहयोग देने की बात कही।
विधायक कस्ता सुनील कुमार लाला ने अपनी विधान सभा में तालाबों की दशा सुधारने का निश्चय लिया साथ मितौली ग्रामसभा में उनके प्रधान पद के कार्यकाल में बनवाये गए विशाल तालाब का ज़िक्र करते हुए कहा की उस वक्त में वह एक आदर्श तालाब था जिसकी तारीफ़ जिले के सभी आला अफसरों ने की, साथ ही उन्होंने तालाब सरंक्षण की मुहिम को आगे बढ़ाने में पूर्ण सहयोग देने की बात कही।

पूर्व ब्लॉक प्रमुख कुम्भी राजेन्द्र भदौरिया ने अपने सम्बोधन में तालाबों के सरंक्षण के लिए जनता आह्वाहन किया, ताकि धरती हरी भरी रह सके।

कार्यक्रम के सह आयोजक और वन्य जीव विशेषज्ञ केके मिश्र ने तराई के गिरते भूगर्भ जल पर चिंता व्यक्त की, साथ ही उन्होंने तालाबों के प्राकृतिक स्वरूप को बनाये रखने की सलाह देते हुए कहा की ये तालाब सिर्फ जल को सरंक्षित ही नही करते वरन ग्रामीण जीवन के तमाम समुदायों को रोजगार व् भोजन भी उपलब्ध कराते हैं, तालाब लबालब भरे होंगे तो परिंदों और जानवरों को पानी मिलता रहेगा, पर्यावरण में तालाब एक महत्त्व पूर्ण स्थान रखते हैं।

कार्यक्रम के आयोजन मण्डल के सदस्य एडवोकेट व् प्रधानपति कपिल त्रिवेदी ने तालाब सरंक्षण की मुहिम में अपना योगदान सुनश्चित किया तथा दो तालाबों की खुदाई व् उनके सौंदर्यीकरण का निश्चय किया।
अध्यक्षीय सम्बोधन में एम् एल सी शशांक यादव ने ग्रामीणों को हिदायत दी की खेती में वे फसले ज्यादा उगाये जिनमे पानी कम खर्च होता है, साथ ही इज़राइल की तकनीक ड्रिप एरिगेशन के लिए ग्रामीणों को प्रेरित किया.

कार्यक्रम का संचालन इक़बाल अकरम वारसी ने किया, और ये शेर पढ़ा।
हरियाली अगर आपको जीवन में चाहिए, धरती ये कह रही है की पानी चाहिए।
गोष्ठी के उपरान्त दो तालाबों की खुदाई और उसके सौन्दर्यीकण का स्थलीय निरीक्षण किया गया जिसमें सभी ने श्रमदान दिया।
जल सरंक्षण के इस कार्यक्रम में सलमान रजा, प्रधान अमीर नगर इरफ़ान खान, शारिक खान, सुधाकर मिश्रा विमल मिश्रा, आयुष श्रीवास्तव, अवनीश अवस्थी, संजय गिरि और सैकड़ों ग्रामीणों ने हिस्सा लिया।
@Dudhwalive Desk

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