डायचे वेले जर्मनी द्वारा अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार "द बॉब्स" से सम्मानित पत्रिका "दुधवा लाइव"

International Journal of Environment & Agriculture, Vol.7, no 05, May 2017, ISSN 2395-5791

"किसी राष्ट्र की महानता और नैतिक प्रगति को इस बात से मापा जाता है कि वह अपने यहां जानवरों से किस तरह का सलूक करता है"- मोहनदास करमचन्द गाँधी

Nov 28, 2015

नेशनल कैडेट कोर कैम्प ओयल जनपद खीरी में पर्यावरण जागरूकता कार्यशाला


जंगल बाघ और बिली
ओयल-खीरी। नेशनल कैडेट कोर कैम्प, युवराजदत्त इंटर कालेज ओयल में आयोजित पर्यावरण कार्यशाला में जिले के तमाम विद्यालयों के छात्र छात्राओं ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में दुधवा लाइव के संस्थापक कृष्ण कुमार मिश्र ने पारिस्थितिकी तन्त्र में सभी जीव जंतुओं के महत्त्व पर चर्चा की और दुधवा टाइगर रिजर्व व् टाइगर मैन बिली अर्जन सिंह के बारे में बताया। 
कार्यक्रम में कर्नल देशराज पाण्डेय डॉ शशि प्रभा बाजपेयी डॉ संजय कुमार  ने कैडेट्स को  देश व् मानवता के लिए एन सी सी के महत्त्व के सन्दर्भ में चर्चा की।

कार्यक्रम में बिली अर्जन सिंह द्वारा बाघ व् तेंदुओं पर किए गए प्रयोगों पर चर्चा की गयी और बाघ का जंगलों के लिए क्या महत्त्व है तथा वन्य जीवन सरंक्षण पर विस्तार से बताया। बाघ की दुनिया भर में कितनी नस्ले है और बाघ के सरंक्षण में कितने प्रयास किए जा रहे है उस पर चर्चा हुई। गाँवों में जैवविविधता कितनी प्रभावित हुई और उसके मानवता को क्या क्या नुकसान है वह भी बताये गए। 

दुधवा लाइव डेस्क

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आप के विचार!

विविधा

आओ प्यारे कम्प्युटर पर बाघ बचायें!
अरूणेश सी दवे, जहाँ तक रही बात प्रबुद्ध बाघ प्रेमियों की जो नचनियों की तरह सज-धज कर जंगल कम इन्टरनेट पर ज्यादा अवतरित होते हैं, तो उनके लिये मै इंटरनेट मे वर्चुअल अबुझमाड़ बनाने का प्रयास कर रहा हूं । ताकि वो अपनी कोरी कल्पनाओं और वर्चुअल प्रयासों को इस आभासी दुनिया में जाहिर कर अपनी ई-कीर्ति बढ़ा सकें।

सामुदायिक पक्षी सरंक्षण
पक्षियों के संरक्षण का जीवन्त उदाहरण: ग्राम सरेली कृष्ण कुमार मिश्र, लखीमपुर खीरी* उन्नीसवी सदी की शुरूवात में ब्रिटिश हुकूमत के एक अफ़सर को लहूलुहान कर देने से यह गाँव चर्चा में आया मसला था।
तो फ़िर उनसे सीखा हमने योग!
धीरज वशिष्ठ* 84 लाख प्रजातियां और 84 लाख योगासन: पक्षियों-जानवरों से सीखा हमने आसन: धार्मिक चैनलों और बाबा रामदेव के कार्यक्रमों ने आज योग को घर-घर तक पहुंचा दिया है।
नही रहा सुमित!
दुधवा लाइव डेस्क* हाँ हम बात कर रहे है उस हाथी कि जो दो मई २०१० को लखनऊ चिड़ियाघर से दुधवा नेशनल पार्क भेजा गया था! वजह साफ़ थी, कि अब वह बूढ़ा हो गया था

पर्यावरण

क्या वे राज धर्म से वाकिफ़ हैं!
कृष्ण कुमार मिश्र* भारत के कुछ पूर्व नेताओं ने मिसाले कायम की पर्यावरण व वन्य-जीव संरक्षण में

अबूझमाड़ के जंगल- जहाँ बाघ नही नक्सल राज करते हैं!
अरूणेश सी दवे* अबूझमाड़- एक प्राकृतिक स्वर्ग:

मुद्दा

क्या खत्म हो जायेगा भारतीय बाघ
कृष्ण कुमार मिश्र* धरती पर बाघों के उत्थान व पतन की करूण कथा:

दुधवा में गैडों का जीवन नहीं रहा सुरक्षित
देवेन्द्र प्रकाश मिश्र* पूर्वजों की धरती पर से एक सदी पूर्व विलुप्त हो चुके एक सींग वाले भारतीय गैंडा

हस्तियां

पदम भूषण बिली अर्जन सिंह
दुधवा लाइव डेस्क* नव-वर्ष के पहले दिन बाघ संरक्षण में अग्रणी भूमिका निभाने वाले महा-पुरूष पदमभूषण बिली अर्जन सिंह

एक ब्राजीलियन महिला की यादों में टाइगरमैन बिली अर्जन सिंह
टाइगरमैन पदमभूषण स्व० बिली अर्जन सिंह और मैरी मुलर की बातचीत पर आधारित इंटरव्यू:

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भारत की वन-नीति में बदलाव आवश्यक
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दुधवा लाइव डेस्क* अधूरे इलाज के बाद जंगल में छोड़ा गया घायल तेन्दुआ!