International Journal of Environment & Agriculture
ISSN 2395 5791
"किसी राष्ट्र की महानता और नैतिक प्रगति को इस बात से मापा जाता है कि वह अपने यहां जानवरों से किस तरह का सलूक करता है"- मोहनदास करमचन्द गाँधी

जर्मनी द्वारा अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार "द बॉब्स" से सम्मानित पत्रिका "दुधवा लाइव"

Nov 8, 2014

गन्ने के खेत में मिला मृत तेंदुआ

खीरी जनपद में एक और तेंदुए की मौत 

तेंदुओं की सरकारी गिनती के मुताबिक इस तरह तो यहाँ  से विलुप्त हो जायेगी यह प्रजाति 

लखीमपुर -खीरी -आज एक स्वथ्य तेदुआ की मौत पर वन विभाग चुप्पी साधे है वन विभाग के अधिकारियो ने अपने मोबाइल सेट तक बंद कर रखे है तेदुआ कैसे मरा इस पर वन विभाग बोलने पर तैयार नहीं। यह वन विभाग की झूठी गस्त को दर्शाता है,  ज़िले में भारी भरकम वन विभाग आज एक तेदुआ को जो काफी दिनों से मुख्यालय से 30 किलोमीटर रिहाइशी इलाको के आस  पास चहलकदमी कर रहा था वह आज  मरा पड़ा मिला। वन विभाग की उदासीनता सामने आई।  पेड़ो की कटान के ज़रिये मालामाल हो रहे वन कर्मियों की उदासीनता का जीता जागता उदाहरण है स्वस्थ्य तेदुए की मौत.

 आपको बता दे की आज कोतवाली फूलबेहड़ के गावं लौकिहा में गन्ने के खेत में एक जवान तेंदुए का शव पड़ा है ग्रामीणो ने इसकी सूचना वन कर्मियों को दी। शव काफी पुराना था शव पर कीड़े तक पड़ गए थे दूर दूर तक इसकी बदबू फैली थी। वन कर्मियों ने उसे पोस्टमार्टम के लिए फूलबेहड़ के मवेशी अस्पताल ले गए( समाचार भेजने तक शव का पी ऍम नहीं हुआ था )मौत के कारणों का पता नहीं चल सका है.






मो. यासीन (टी वी पत्रकार)
लखीमपुर खीरी 
patwarapage@gmail.com

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