डायचे वेले जर्मनी द्वारा अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार "द बॉब्स" से सम्मानित पत्रिका "दुधवा लाइव"

International Journal of Environment & Agriculture, Vol.7, no 02, February 2017, ISSN 2395-5791

"किसी राष्ट्र की महानता और नैतिक प्रगति को इस बात से मापा जाता है कि वह अपने यहां जानवरों से किस तरह का सलूक करता है"- मोहनदास करमचन्द गाँधी

Dec 17, 2011

दस दिनों से मरे नाग के पास रह रही नागिन को देखने उमड़ रहे लोग

फ़ोटो साभार: विकिपीडिया

भउवापुर गांव में नाग नागिन का किस्सा बना कोतूहल का विषय
आस्था कहे या अंधविश्वास चढने लगा चढावा
पंकज सिंह गौर। सीतापुर

आपने नाग नागिन के किस्से अनेकों सुने और देखे होंगे इन दिनों एक नाग नागिन का किस्सा जिला मुख्यालय से 15 किलोमीटर दूर भउवापुर गांव में देखने को मिल रहा है। पिछले बुधवार को ओपलों (कण्डां) की भठिया में दो सांप मिलने पर उनको मारने के बाद बगल के बाग में फेंक दिया गया था। जिसमें से एक सांप जिंदा हो गया और मरे हुए सांप के आसपास घूमने लगा। इसकी खबर फैलते ही मजमा लगना शुरू हो गया लोग नाग नागिन का रूप बताकर चढावा चढाने लगे और इसे चमत्कार बताकर आस्था जताने लगे। पिछले एक सप्ताह से मरे हुए सांप के पास जिंदा सांप टहल रहा है लोग मरे हुए सांप को नाग और जिंदा सांप को नागिन होना बता रहे है।


सीतापुर हरदोई रोड के किनारे स्थित भउवापुर गांव में शत्रोहन उर्फ लाला के ओपलों की भठिया में बुधवार को दो काले सांप दिखाई देने के बाद उन्हे लाला ने मारकर सड़क के उस पर स्थित बाग में फेंक दिया था। इसके बाद मरे सांप को चिड़िया निवाला बनाने लगी इसी बीच उसमें से एक सांप जिंदा होकर उसे बचाने की जद्दोजहद करने लगा। मरे सांप के आधे हिस्से को चिड़िया खा पाई लेकिन आधे हिस्से को जिंदा सांप बचाने मे सफल रहा। यह नजारा कुछ लोगों ने देखा और इसकी खबर जब गांव में फैली तो लोगों का मजमा उमड़ पड़ा। जाकर लोगों ने देखा तो मरे हुए सांप के आसपास यह जिंदा सांप घूमता हुआ पाया गया। वह लोगों के भगाने के बाद भी दूर जाने का नाम नही ले रहा है। यह दृश्य जब लोगों ने देखा तो इसे चमत्कार मानते हुए उसके प्रति आस्था जताने लगे। धीरे धीरे लोग जिंदा सांप के लिए दूध लाकर रखा लेकिन उसने कुछ भी खाया पिया नही। तब लोगों की सहानभूति और भी उसके प्रति हो गई फिर क्या लोग चढावा चढाने लगे। मामला सड़क के किनारे का होने के कारण उधर से जो भी गुजरता वह इस दृश्य को देखे बिना नही रहता।



 इस घटना की खबर जब लगी तो जाकर देखा कि मरे हुए सांप के पास जिंदा सांप घूम रहा था और सैकड़ों लोगों का मजमा उमड़ा था। हाथ जोड़े खड़े लोग इसे चमत्कार होना मान रहे थे गांव की बब्बली सिंह ने बताया कि यह दोनो नाग नागिन है हालांकि कुछ लोग इन्हे काले सांप होना बता रहे है। लेकिन वह मरे हुए नाग के प्रति जिंदा नागिन का प्रेम देख एक पति के प्रति सच्ची पत्नी की आस्था के रूप में देखती है और पतिवृता पत्नी की यही पहचान होती है कि वह अपने पति के लिए कुछ भी कर सकती है। उसने कहा कि लोग नागिन का गलत अर्थ लगाते है। जैसे कि कई पत्नियां अपने पतियों को प्रेमी के साथ मिलकर मार देती है तब लोग उसे नागिन का दर्जा देने लगते है मगर नागिन क्या होती है यह भउवापुर मे आकर देखा जा सकता है। बब्बली सिंह ने बताया कि इससे ज्यादा जीता जागता उदाहरण क्या हो सकता है कि अपने नाग को ढूढने में नागिन ने खाना पीना छोड़ रखा है। और वह मरे हुए नाग के समीप ही बैठी हुई है। मौके पर मौजूद बाबा रामदास ने बताया कि सांपों का यह जोड़ा कण्डो की बठिया में रहता था जिसे बठिया मालिक ने मार दिया था लेकिन उसमें से नागिन जिंदा हो गई तब से वह सात दिनों से अपने मरे नाग के आसपास बैठी हुई है और अब लोगों की इसके प्रति आस्था उमड़ने लगी है लोग चढावा तक चढाने लगे है।

यही नही आस्था लोगों मे ही नही देखनी मिली बल्कि जिनके हाथों से सांप मारा गया उनकी पत्नी रामश्री काफी दुखी और सदमें में है वह बताती है कि जब से इन सांपों को मारा था तब से उनके पति शत्रोहन उर्फ लाला घर में ही बैठे है उन्हे अपने किए पर बेहद अफसोस हो रहा है वह बताती है कि उनके पति ने दोनो को मार दिया था फिर बाद मे पता नही कैसे एक सांप जिंदा हो गया। अब वह चाहती है कि अपने इस किए पर पछतावे के रूप में मरे हुए सांप के समीप एक चबूतरा बनवा दें ताकि वह इनकी पूजा कर सके।


खबर-२


आज भी मरे नाग से अलग नही हुई जिंदा नागिन
देखने वालों की उमड़ती जा रही भारी भीड़


जनपद मुख्यालय से 15 किलोमीटर दूर सीतापुर हरदोई मार्ग पर भउवापुर के पास मरे सांप के पास एक जिंदा सांप के घूमने का किस्सा इन दिनों नाग नागिन से जोड़कर देखा जा रहा है। सात दिसम्बर को दो सांपों को मारकर फेंकने के बाद एक मरे सांप के पास एक जिंदा सांप के होने की खबर जंगल में आग की तरफ फैल गई और लोग उसे नाग नागिन बताकर पूजा तक करने लगे है। दस दिन से मरे सांप के पास जिंदा सांप की मौजूदगी को लोग किसी चमत्कार के रूप में होना मानकर चल रहे है। यही कारण है कि अब इस नजारे को देखने के लिए भारी मजमा उमड़ने लगा है।

ज्ञातव्य हो कि भउवापुर के रहने वाले शत्रोहन उर्फ लाला के कण्डो की बठिया में दो सांप सात दिसम्बर को निकल आए थे जिन्हे मारकर सड़क के उस पर बाग मे फेंक दिया गया था। एक मरे सांप को चिड़िया अपना निवाला बना रही थी जिनके मुंह से एक जिंदा सांप मरे सांप को बचा लिया यह नजारा कुछ लोगों के आंखों के सामने घटा उसके बाद से जिंदा काला सांप मरे सांप के इर्द गिर्द ही घूमता फिर रहा है। तमाम लोगों के मौके पर पहुंचने के बावजूद यह सांप वहां से भागने की कोशिश भी नही कर रहा है। ऐसे में लोग इसे नाग नागिन होना बता रहे है और अब तो लोग वहां पर चबूतरा बनाकर पूजा पाठ करने तक की तैयारी मे जुट गए है गांव के प्रधान राजकुमार ने बताया कि दसवें दिन बाद भी मरे सांप के पास यह जिंदा सांप बैठा हुआ है जिसे देखने के लिए अब तक तमाम लोग आ और जा रहे है।


 पंकज सिंह गौर टी०वी० पत्रकार है, एक प्रतिष्ठित चैनल में कार्यरत, इलेक्ट्रानिक एवं प्रिन्ट मीडिया में एक दशक से अधिक समय से सक्रिय, सीतापुर जनपद के जमीनी मसायल पर पैनी नज़र, इनसे pankaj.singh.gaur22@gmail.com पर सम्पर्क कर सकते है। 

2 comments:

Sandeep Gadiya said...

is this snake still there?

Anonymous said...

no...not now

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