डायचे वेले जर्मनी द्वारा अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार "द बॉब्स" से सम्मानित पत्रिका "दुधवा लाइव"

International Journal of Environment & Agriculture, Vol.7, no 05, May 2017, ISSN 2395-5791

"किसी राष्ट्र की महानता और नैतिक प्रगति को इस बात से मापा जाता है कि वह अपने यहां जानवरों से किस तरह का सलूक करता है"- मोहनदास करमचन्द गाँधी

Nov 29, 2011

नेपाल में गैंडा सींग बरामद, तीन अपराधी गिरफ्तार

ये खतरे की घंटी है दुधवा के गैंडो के लिए.. 
डी पी मिश्र की रिपोर्ट --
सीमावती नेपाल के कैलाली जिला वन अधिकारियों ने गैंडा की सींग बरामद कर तीन मुलजिमों को गिरफ्तार किया है। पूछताछ के दौरान मुलजिमों ने स्वीकार किया है यह सींग दुधवा नेशनल पार्क के समीपवर्ती ग्राम बसंतापुर के एक इंडियन व्यक्ति से लिया है। इस खुलाशा से मामला काफी संगीन एवं सनसनीखेज इस कारण हो गया है कि दुधवा में गैंडा स्वच्छंद विचरण कर रहे हैं।

लखीमपुर खीरी जिला के सीमावर्ती गौरीफंटा क्षेत्र से जुड़े नेपाल के जिला कैलाली के वन विभाग के डीएफओ राजेन्द्र भण्डारी ने मुखबिर की सूचना पर दलबल के साथ छापा मारकर गैंडा की सींग बरामद किया है। इसके साथ ही कैलाली जिला मुख्यालय धनगढ़ी निवासी मोहम्मद वसी सिद्दीकी (32), विनोद बिष्ट (28), लक्ष्मी चंद्र (40) को गिरफ्तार किया गया है।
 लगभग 850 ग्राम वजन वाले बरामद हुआ गैंडा ताजा बताया जा रहा है। पूछताछ में मुलजिमों ने बताया कि यह सींग इंडिया के जिला खीरी के थाना पलियाकलां क्षेत्र के ग्राम बसंतापुर के व्यक्ति से मिला है। डीएफओ के अनुसार मामले की छानबीन चल रही है। मालूम हो कि दुधवा नेशनल पार्क के समीप आबाद ग्राम बसंतापुर के व्यक्ति का नाम आने से मामला काफी संगीन एवं सनसनीखेज हो गया है। इसका मुख्य कारण है कि दुधवा नेशनल पार्क के सोनारीपुर वनक्षेत्र में गैंडा पुर्नवास परियोजना चल रही है इसमें इकतीस सदस्यीय गैंडा परिवार जंगल में स्वच्छंद विचरण कर रहा है। खास बात यह भी है कि बसंतापुर ग्राम से गैंडा परिक्षेत्र में आसानी से पहुंचा जा सकता है। ऐसी स्थिति में कहीं गैंडा का शिकार यहां तो नहीं किया गया है इस बात पर संदेह होना लाजिमी है। हालांकि नेपाल के जिला कैलाली की सीमा से सटे कंचनपुर जिला में शुक्लाफांटा सेंचुरी तथा वर्दिया जिला के राष्ट्रीय उद्यान में भी गैंडा पाए जाते हैं। बरामद गैंडा सींग कहां से और कैसे लाया गया इस बात का पूरा खुलाशा गहन जांच पड़ताल के बाद ही हो पाएगा।

2 comments:

SP Sinha said...

It was a surprising event that on the base of horn recovery done in Nepal we came to know that one adult rhino has been poached in Rhino area of Dudhwa NP.Now how we can justified it? The smell of a dead carcass and scavenger around can be seen by the monitroing team.
Dr SP Sinha

K K Mishra said...

Thank you for you kind comments on contents of dudhwa live magazine regarding rhinos of terai. Mr. Sinha, un-officially There is no fence, no monitering in dudhwa's rhono;s area..its a negeligency of department. about the relation between carcass smell and scavenger ? you know there is no scavengers in dudhwa! and departmental persons have no nose, then how can they are able to graps smell of rhino's carcass.
but one good news for you the re-introduction programme of rhinos in terai has been totally successfull we have more than 30 rhinos in dudhwa, they freely roam in our jungles like their ancesstors in 18th century A.C. now no need of so-called fencing only monitoring is necessary....

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