International Journal of Environment & Agriculture
ISSN 2395 5791
"किसी राष्ट्र की महानता और नैतिक प्रगति को इस बात से मापा जाता है कि वह अपने यहां जानवरों से किस तरह का सलूक करता है"- मोहनदास करमचन्द गाँधी

जर्मनी द्वारा अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार "द बॉब्स" से सम्मानित पत्रिका "दुधवा लाइव"

Oct 24, 2011

महान वनस्पति शास्त्री धनवन्तरि का जन्म दिवस एवं दीपों का त्योहार

 प्रिय पाठक व लेखक गणों को दुधवा लाइव की ओर से महान वैज्ञानिक धनवन्तरि के जन्म दिवस के साथ आने वाले दीपों के पर्व यानि राम की रावण परधर्म विजय के अवसर पर तमाम शुभकामनायें...
 "महान वनस्पति वैज्ञानिक धनवन्तरि के जन्म दिवस पर आप सभी को मेरी तमामशुभकामनायें...यह तस्वीर साझ पहर उस वक्त ली गयी जब सूरज की चमक मंद्धिम हो चुकी थी और जल में मौजूद शैवाल कुछ इस तरह चमक रहे थे मानों दीपावली के दीप...कहते है रात्रि में धनवन्तरि को देख कर औषधीय वनस्पतियां खुद-ब-खुद चमकने लगती थी.......कृष्ण कुमार मिश्र"
 

दुधवा लाइव ई-पत्रिका
(पर्यावरण व वन्य जीव सरंक्षण को समर्पित)

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विविधा

आओ प्यारे कम्प्युटर पर बाघ बचायें!
अरूणेश सी दवे, जहाँ तक रही बात प्रबुद्ध बाघ प्रेमियों की जो नचनियों की तरह सज-धज कर जंगल कम इन्टरनेट पर ज्यादा अवतरित होते हैं, तो उनके लिये मै इंटरनेट मे वर्चुअल अबुझमाड़ बनाने का प्रयास कर रहा हूं । ताकि वो अपनी कोरी कल्पनाओं और वर्चुअल प्रयासों को इस आभासी दुनिया में जाहिर कर अपनी ई-कीर्ति बढ़ा सकें।

सामुदायिक पक्षी सरंक्षण
पक्षियों के संरक्षण का जीवन्त उदाहरण: ग्राम सरेली कृष्ण कुमार मिश्र, लखीमपुर खीरी* उन्नीसवी सदी की शुरूवात में ब्रिटिश हुकूमत के एक अफ़सर को लहूलुहान कर देने से यह गाँव चर्चा में आया मसला था।
तो फ़िर उनसे सीखा हमने योग!
धीरज वशिष्ठ* 84 लाख प्रजातियां और 84 लाख योगासन: पक्षियों-जानवरों से सीखा हमने आसन: धार्मिक चैनलों और बाबा रामदेव के कार्यक्रमों ने आज योग को घर-घर तक पहुंचा दिया है।
नही रहा सुमित!
दुधवा लाइव डेस्क* हाँ हम बात कर रहे है उस हाथी कि जो दो मई २०१० को लखनऊ चिड़ियाघर से दुधवा नेशनल पार्क भेजा गया था! वजह साफ़ थी, कि अब वह बूढ़ा हो गया था