डायचे वेले जर्मनी द्वारा अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार "द बॉब्स" से सम्मानित पत्रिका "दुधवा लाइव"

International Journal of Environment & Agriculture, Vol.7, no 05, May 2017, ISSN 2395-5791

"किसी राष्ट्र की महानता और नैतिक प्रगति को इस बात से मापा जाता है कि वह अपने यहां जानवरों से किस तरह का सलूक करता है"- मोहनदास करमचन्द गाँधी

Sep 26, 2010

शाहजहाँपुर में बाघ ने किया हमला!

फ़ोटो साभार: सीजर सेनगुप्त
शाहजहाँपुर वन प्रभाग के खुटार रेन्ज में शनिवार को आदमखोर घोषित बाघ ने हाथी पर हमला बोला:
बाघ को ट्रैंकुलाइज़ न कर पाने की विफ़लता, व अनियोजित प्रयासों के चलते एक बाघ को विवश किया जा रहा है, आदमखोर होने के लिए! न तो उसे जंगल में घुसने दिया जा रहा है, और न ही उस पकड़ कर चिड़ियाघर भेज पा रहा हैं हमारा इन्तजामिया, नतीजा हमारे समक्ष है, देखिए आगेआगे होता है, क्या? क्या ये सुन्दर बाघ भी विभागीय असफ़लताओं के चलते आखिर में किसी सरकारी शूटर का शिकार बन दिया जायेगा!

यह घटना उस वक्त हुई जब गोमती नदी के किनारे गन्ने के खेत में बाघ को ट्रैंकुलाइज करने के लिए चारों ओर से घेरा गया था। जब काबिंग में लगे हाथी ने बाघ को पैर और सूड़ से दबा लिया बाघ ने अपने को चुगंल से छुड़ाने के लिए हाथी के कान पा पंजा मारकर जख्मी कर दिया। हाथी का दबाव कम होते ही बाघ गन्ने के खेत में जाकर छिप गया।

आपको बता दें कि तीन माह से वन विभाग के लिए सिरदर्द बनें इस बाघ को दो बार ट्रैंकुलाइज करने की असफल कोशि्श हो चुकी है, लेकिन टीम को अभी तक सफलता नही मिल पाई है। इस बाघ ने अन्तिम मानव शिकार 26 अगस्त को किया था।

उसके बाद दर्जनों गाँवों के किनारे से होता हुआ यह अपने मूल क्षेत्र दियुरियाँ जंगल में वापस जाने के लिए लगातार खुटार रेन्ज की सीमा पर भटक रहा है। लेकिन चौकसी के कारण वापस नही जा सका है।

यदि एक बार आदमखोर घोषित इस बाघ को अपने प्राकृतिकवास में जाने दिया गया तो यह इस वन्य जीव के साथ प्राकृतिक न्याय होगा।

सुनील निगम ( लेखक दैनिक जागरण में मैलानी में संवाददाता, वाइल्ड लाइफ़ जर्नलिज्म के क्षेत्र में विशेषज्ञता, इनसे suniljagaran100@gmail.com पर संपर्क कर सकते हैं)


4 comments:

Deepak Talan said...

बेचारे बाघ को उसके इलाके में जाने दें। समस्या अपने आप हल हो जायेगी। अगर बाघ इरादतन आदमी मार रहा है तब तो फिर उसका पकड़ा जाना ही ठीक होगा। वैसे दुधवा और आसपास से आदमियों पर बाघों के हमलों के इतने मामले सामने क्यों आ रहे है?

अरुणेश दवे said...

भाइ मेरे को एक बात समझ मे नही आयी कि खुले जंगल मे इतने हिंसक बाघ को कोइ कैसे वापस जाने से रोक सकता है जब तक कि १० फ़ुट से उची बाड़ न लगाइ जाय

Anonymous said...

bade hi sharm ki baat hai ki ek sundar tiger ko vankarmiyon ne hi aadamkhor bana diya hai aur ab bahi log uski jaan k pyase hain jinke kandhon per tiger ki surackhsa hai

sushil shukla shahjahanpur said...

hye i am sushil shukla,shahjahanpur reporter news-24

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आप के विचार!

विविधा

आओ प्यारे कम्प्युटर पर बाघ बचायें!
अरूणेश सी दवे, जहाँ तक रही बात प्रबुद्ध बाघ प्रेमियों की जो नचनियों की तरह सज-धज कर जंगल कम इन्टरनेट पर ज्यादा अवतरित होते हैं, तो उनके लिये मै इंटरनेट मे वर्चुअल अबुझमाड़ बनाने का प्रयास कर रहा हूं । ताकि वो अपनी कोरी कल्पनाओं और वर्चुअल प्रयासों को इस आभासी दुनिया में जाहिर कर अपनी ई-कीर्ति बढ़ा सकें।

सामुदायिक पक्षी सरंक्षण
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कृष्ण कुमार मिश्र* धरती पर बाघों के उत्थान व पतन की करूण कथा:

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देवेन्द्र प्रकाश मिश्र* पूर्वजों की धरती पर से एक सदी पूर्व विलुप्त हो चुके एक सींग वाले भारतीय गैंडा

हस्तियां

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दुधवा लाइव डेस्क* नव-वर्ष के पहले दिन बाघ संरक्षण में अग्रणी भूमिका निभाने वाले महा-पुरूष पदमभूषण बिली अर्जन सिंह

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