डायचे वेले जर्मनी द्वारा अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार "द बॉब्स" से सम्मानित पत्रिका "दुधवा लाइव"

International Journal of Environment & Agriculture, Vol.7, no 06, June 2017, ISSN 2395-5791

"किसी राष्ट्र की महानता और नैतिक प्रगति को इस बात से मापा जाता है कि वह अपने यहां जानवरों से किस तरह का सलूक करता है"- मोहनदास करमचन्द गाँधी

Jan 26, 2010

About Dudhwa Live e-Magazine

दुधवा लाइव पत्रिका का सृजन उन कारणों की परिणित है, जिन्हे सरकारें व समाज़ के जिम्मेदार लोग नज़र्-ए-अन्दाज करते है। हम अपनी राष्ट्रीय प्राकृतिक संपदा के संरक्षण व संवर्धन की इस मुहिम में आप सभी को आमंत्रित करते है, जो अपने चारों तरफ़ की उन सभी गतिविधियों को देखते है, और विचार भी करते है। किन्तु बेबाकी से उस बात की अभिव्यक्ति नही कर पाते या फ़िर मीडिया के बदलते परिवेश में ऐसी महत्वपूर्ण खबरों व लेखों को जगह नही मिल पाती है। हम आप से वादा करते है कि हम आप की बात को उसके नियत स्थल तक पहुंचाने की भरसक कोशिश करेंगे। हमारी धरती की छिन्न-भिन्न होती दशा-व्यथा, वनों और उनके इतिहास, जैव-विविधिता, प्राकृतिक संपदा और उससे जुड़ा हमारा ज्ञान , जीवों पर हो रहे अत्याचार आदि महत्वपूर्ण मुद्दों की तस्वीर दुधवा लाइव के जरिए लोगों तक पहुंचायेंगे। दुधवा लाइव ई-पत्रिका का "दुधवा" नाम की किसी  सरकारी व गैरसरकारी संस्था/नाम या व्यक्ति  से या उनके/उसके विचारों से कोई संबध नही है, दुधवा को मात्र प्रकृति के प्रतीकात्मक शब्द  के रूप में हम आप सभी के समक्ष प्रस्तुत कर रहे हैं। दुधवा लाइव एक ऐसा मंच होगा जो संरक्षित वनों व वन्य जीवों के अलावा हमारे गाँव-जेवार के पशु-पक्षियों और खेत-खलिहानों की बाते करेगा। ग्रामीण अंचल के लोगों के प्राकृतिक ज्ञान की बौद्धिक संपदा के संरक्षण को हम प्राथमिकता देंगे। इन प्रयासों में हमें आप सभी का निरन्तर सहयोग चाहिए, तभी जाकर हम अपने सही लक्ष्य को प्राप्त कर सकेंगे।

बापू के शब्दों के साथ  "किसी राष्ट्र की महानता और नैतिक प्रगति को इस बात से मापा जाता है कि वह अपने यहां जानवरों से किस तरह का सलूक करता है।"



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लखीमपुर खीरी 
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धन्यवाद
संपादक/माडरेटर
दुधवा लाइव 

सम्पर्क-
editor.dudhwalive@gmail.com
dudhwalive@live.com

12 comments:

संजय भास्कर said...

बहुत ही सुन्‍दर प्रस्‍तुति ।

arun tripathi sitapur said...

its a flying strt
GOD bless you
we are with you, Take care O.K.

Dr Arun Kumar Tripathi said...

Its a flying start, We are with you, GOD bless you, Take care.

प्रदीप श्रीवास्तव said...

बहुत-बहुत बढाई,कृष्ण कुमार जी.
पर्यावरण सम्बन्धी जानकारी अपनी भाषा में देने
के लिये.
अच्छी जानकारियां मिली आप के इस ब्लाग पर.
जरुर सभी को पसंद आयेगा.
प्रदीप श्रीवास्तव
निज़ामाबाद आन्ध्र प्रदेश
www.apkinews.blogspot.com

उमाशंकर मिश्र said...

main pehli nazar mein hi aapke is portal ka kayal ho chuka hun.......pichhle kareeb 5 saal tak main isi tarah ki reporting se juda raha hun....haal mein kuchh yuva saathiyon ko is tarah ke kaam mein prerit karke ek patrika bhi shuru kar rahe hain...
aapse baat karke mujhe khusi hogi... Umashankar, delhi
ph..9650002414, legacyindia2010@gmail.com

इंदु पुरी गोस्वामी said...

अपने ब्लॉग 'उद्धवजी'पर दुधवा लाइव नाम पढ़ कर (कमेन्ट तो ....हा हा हा नाम मात्र का था)मैं आश्चर्य में पड गई कि ये क्या और कैसा नाम है?सोचा जा कर देखती हूँ.अच्छा हुआ मैंने सोचा.जीवंत समस्याओं पर है ये ब्लॉग.मैंने बुक मार्क कर लिया है.
सीधे सादे शब्द में आपकी लेखनी और सम्बन्धित टोपिक्स बहुत अच्छे है और आपकी पत्रिका उस दर्द को बतलाती है जो समाज में देख कर आप महसूस कर रहे हैं और लोगों से शेअर कर रहे हैं.
मैं ने हमेशा अपने क्षेत्र में इन सबको देख आवाज उठाई.जब तक श्रीमती वसुंधरा राजे जी हमारी मुख्यमंत्री रही,उन्होने तुरंत नियमों में बदलाव भी किया.फुर्सत से बतलाऊंगी कभी.
फिलहाल बधाई आपके प्रयास को आपको.

Arun said...

very good,lage raho

arunsingh

अविनाश वाचस्पति said...

आभासियों की जीवंत मौजूदगी का पर्याय है दुधवालाइव, अपने एक नहीं नेक और विविध रूपों में।

जय बिश्नोई said...

Nice blog and good post shared.


The Bishnoism
An Indian Hindu sect of nature lovers founded in 1485 AD by Jambho Ji and known for their sacrifices for environmental conservation. They are originators of the Chipko movement, follow 29 rules and assume lord Vishnu as the only God.


Must visit : http://thebishnoism.blogpot.com
Regard: JAi Bishnoi

जय बिश्नोई said...

बिश्नोई समाज द्वारा पर्यावरण संरक्षण आज का "चिपको" आंदोलन

Devanshu Gupta said...

Excellent Initiative for exploring the rich diversity of Dudhwa Tiger Reserve;;;I am Devanshu Gupta from Mohammadi, Lakhimpur (kheri) working in the Zoological Survey of India, Jabalpur on diversity of insects of Central India...Will one day enjoy with the insects of Dudhwa...Best of luck!!!!

mukesh agnihotri said...

Dear Krishan Kumar Mishra ji, I appreciate your selfless service towards wild life and planet for many years. We are proud of you doing such a noble work. Thanks

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आप के विचार!

विविधा

आओ प्यारे कम्प्युटर पर बाघ बचायें!
अरूणेश सी दवे, जहाँ तक रही बात प्रबुद्ध बाघ प्रेमियों की जो नचनियों की तरह सज-धज कर जंगल कम इन्टरनेट पर ज्यादा अवतरित होते हैं, तो उनके लिये मै इंटरनेट मे वर्चुअल अबुझमाड़ बनाने का प्रयास कर रहा हूं । ताकि वो अपनी कोरी कल्पनाओं और वर्चुअल प्रयासों को इस आभासी दुनिया में जाहिर कर अपनी ई-कीर्ति बढ़ा सकें।

सामुदायिक पक्षी सरंक्षण
पक्षियों के संरक्षण का जीवन्त उदाहरण: ग्राम सरेली कृष्ण कुमार मिश्र, लखीमपुर खीरी* उन्नीसवी सदी की शुरूवात में ब्रिटिश हुकूमत के एक अफ़सर को लहूलुहान कर देने से यह गाँव चर्चा में आया मसला था।
तो फ़िर उनसे सीखा हमने योग!
धीरज वशिष्ठ* 84 लाख प्रजातियां और 84 लाख योगासन: पक्षियों-जानवरों से सीखा हमने आसन: धार्मिक चैनलों और बाबा रामदेव के कार्यक्रमों ने आज योग को घर-घर तक पहुंचा दिया है।
नही रहा सुमित!
दुधवा लाइव डेस्क* हाँ हम बात कर रहे है उस हाथी कि जो दो मई २०१० को लखनऊ चिड़ियाघर से दुधवा नेशनल पार्क भेजा गया था! वजह साफ़ थी, कि अब वह बूढ़ा हो गया था

पर्यावरण

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मुद्दा

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कृष्ण कुमार मिश्र* धरती पर बाघों के उत्थान व पतन की करूण कथा:

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देवेन्द्र प्रकाश मिश्र* पूर्वजों की धरती पर से एक सदी पूर्व विलुप्त हो चुके एक सींग वाले भारतीय गैंडा

हस्तियां

पदम भूषण बिली अर्जन सिंह
दुधवा लाइव डेस्क* नव-वर्ष के पहले दिन बाघ संरक्षण में अग्रणी भूमिका निभाने वाले महा-पुरूष पदमभूषण बिली अर्जन सिंह

एक ब्राजीलियन महिला की यादों में टाइगरमैन बिली अर्जन सिंह
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