वन्य जीवन एवं पर्यावरण

International Journal of Environment & Agriculture ISSN 2395 5791

Breaking

बीती सदी में बापू ने कहा था

"किसी राष्ट्र की महानता और नैतिक प्रगति को इस बात से मापा जाता है कि वह अपने यहां जानवरों से किस तरह का सलूक करता है"- मोहनदास करमचन्द गाँधी

ये जंगल तो हमारे मायका हैं

May 7, 2020

वेबिनार- कोविड19 बनाम मानवता

दुधवा लाइव इंटरनेशनल जर्नल एवं एसकेडी मेमोरियल ट्रस्ट द्वारा इंटरनेशनल वर्चुअल सेमिनार का आयोजन-

लॉकडाउन वर्सेज ह्यूमैनिटी एंड हुमिनिटेरियन रिलेशन्स 


लखीमपुर खीरी: कोविड 19 के दौर में संयुक्त राष्ट्र संघ व भारत सरकार द्वारा घोषित नियमों व लॉकडाउन को ध्यान में रखते हुए, शैक्षिक, सामाजिक, पर्यावरणीय, स्वास्थ्य तथा मानवीय संवेदनाओं पर परिचर्चा के लिए इंटरनेशनल वेबिनार का आयोजन 10 मई 2020 को दोपहर 12 बजकर पंद्रह मिनट पर शुरू होगा, अभी तक अभीतक दुधवा लाइव पोर्टल पर मौजूद रजिस्ट्रेशन फार्म के जरिए दुनियाभर के 78 व्यक्तियों ने वेबिनार अटेंड करने के लिए रजिस्ट्रेशन किया है, जिनमें अधिकतर यूनिवर्सिटी व वैज्ञानिक संस्थानों के प्रोफेसर, वैज्ञानिक व शोध छात्र है, सामाजिक व पर्यावरण के क्षेत्र में कार्य करने वाले वन्य जीव प्रेमी, फोटोग्राफर व पत्रकार भी वेबिनार से जुड़ चुके हैं।



वेबिनार की पृष्ठभूमि में कोरोना काल में आ रही दुश्वारियां, मानव समाज की रोजी रोटी, शिक्षा और स्वास्थ्य पर क्या असर पड़ रहा है और कोरोना के थमने के बाद जो दौर आएगा उसका मानवीय गतिविधियों पर क्या इम्पैक्ट होगा इस पर हमारे वेबिनार के मुख्य वक्ता चर्चा करेंगे, वेबिनार का विषय है, "लॉकडाउन बनाम मानवता एवं मानवीय सम्बंध" ज़ाहिर है मानवता का आयाम बहुत बड़ा है बल्कि बहुआयामी है, जिसमें जंगल जमीन, पर्यावरण, खेती, किसानी, शिक्षा, स्वास्थ्य सभी कुछ आते हैं इसलिए वेबिनार में विषय विशेषज्ञ अपने अपने क्षेत्रों के महत्वपूर्ण लोग हैं जो सम्बोधित करेंगें और पार्टिसिपेशन करने वाले सभी लोग उनसे सवाल भी कर सकते है, दुधवा लाइव व शिव कुमारी देवी मेमोरियल ट्रस्ट की तरफ से आयोजित इस आभासी सेमिनार में मुख्य वक्ता के तौर पर, मेग्सेसे पुरस्कार विजेता ख्यातिप्राप्त सोशल एक्टिविस्ट संदीप पाण्डेय, एशोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सटीज के जॉइंट सेक्रेटरी डॉ आलोक कुमार मिश्र, राज्य सभा सांसद रवि प्रकाश वर्मा, गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय के हिंदी के प्रोफेसर व प्रख्यात कथाकार डॉ देवेंद्र, युवराज दत्त महाविद्यालय के प्रोफेसर व उत्तर प्रदेश वाइल्ड लाइफ बोर्ड के पूर्व सदस्य डॉ वीपी सिंह, सुप्रीमकोर्ट के एडवोकेट ऑन रिकार्ड शशांक सिंह, के   अतिरिक्त कुछ अन्य महत्वपूर्ण शख्सियतें वेबिनार में शामिल होगीं।


यह बेबीनार सिस्को वेबेक्स पर संचालित किया जाएगा, जिसका लिंक सभी पार्टीसिपेंट्स को मेल अथवा व्हाट्सएप पर एक दिन पहले भेज दिया जाएगा। जो शोध छात्र इस वेबिनार के लिए रजिस्ट्रेशन कराएंगे वह इंटरनेशनल जर्नल ऑफ एनवायरनमेंट ऐन्ड एग्रीकल्चर दुधवा लाइव जर्नल में अपने लेख व शोध पत्र भेज सकते है जिन्हें रिव्यूइंग कमेटी के द्वारा जो पेपर्स सेलेक्ट होंगे उन्हें प्रकाशित किया जाएगा।


वेबिनार के मुख्य पैट्रन वन्य जीव विशेषज्ञ व दुधवालाइव जर्नल के संस्थाप के के मिश्र, पैट्रन विधि विशेषज्ञ प्रोफेसर अंजली दीक्षित, आयोजक वनस्पति विज्ञान प्रवक्ता, बेस्ट बायोक्लासेज संस्थान के प्रमुख ब्रजेन्द्र सिंह, एम्स के सीनियर साइंटिस्ट आर्थोपेडिक्स डॉ विवेक दीक्षित, तथा स्टूडेंट कन्वीनर अमित कुमार व सोमेश सक्सेना है, वेबिनार के सहयोगी डिकोड एक्जाम के अलावा भारत की अन्य महत्वपूर्ण संस्थाएं होंगी।


वेबिनार में सहभागिता के लिए आप www.dudhwalive.com अथवा editor.dudhwalive@gmail.com पर सम्पर्क कर सकते हैं, दुधवा लाइव पोर्टल पर आप वेबिनार में सहभागिता के लिए मौजूद रजिस्ट्रेशन फार्म भरकर अपनी उपस्थित दर्ज करा सकते हैं, वेबिनार के लिए व्हाट्सप ग्रुप में जुड़ने के लिए 9918801663, 9451925997 पर भी सभी पार्टीसिपेंट्स को जोड़ा जाएगा, सभी पार्टीसिपेंट्स को संस्था द्वारा सर्टिफिकेट भी दिए जाएंगे।


डेस्क: दुधवा लाइव 

1 comment:

आप के विचार!

जर्मनी द्वारा अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार "द बॉब्स" से सम्मानित पत्रिका "दुधवा लाइव"

हस्तियां

पदम भूषण बिली अर्जन सिंह
दुधवा लाइव डेस्क* नव-वर्ष के पहले दिन बाघ संरक्षण में अग्रणी भूमिका निभाने वाले महा-पुरूष पदमभूषण बिली अर्जन सिंह

एक ब्राजीलियन महिला की यादों में टाइगरमैन बिली अर्जन सिंह
टाइगरमैन पदमभूषण स्व० बिली अर्जन सिंह और मैरी मुलर की बातचीत पर आधारित इंटरव्यू:

मुद्दा

क्या खत्म हो जायेगा भारतीय बाघ
कृष्ण कुमार मिश्र* धरती पर बाघों के उत्थान व पतन की करूण कथा:

दुधवा में गैडों का जीवन नहीं रहा सुरक्षित
देवेन्द्र प्रकाश मिश्र* पूर्वजों की धरती पर से एक सदी पूर्व विलुप्त हो चुके एक सींग वाले भारतीय गैंडा

Post Top Ad

Your Ad Spot