डायचे वेले जर्मनी द्वारा अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार "द बॉब्स" से सम्मानित पत्रिका "दुधवा लाइव"

International Journal of Environment & Agriculture, Vol.7, no 04, April 2017, ISSN 2395-5791

"किसी राष्ट्र की महानता और नैतिक प्रगति को इस बात से मापा जाता है कि वह अपने यहां जानवरों से किस तरह का सलूक करता है"- मोहनदास करमचन्द गाँधी

Mar 4, 2016

बुंदेलखंड में आशीष सागर रचाएंगे गौरैया का ब्याह...


प्रवासनामा सोसाइटी की पहल पर पिछले वर्ष भी बांदा में रचाया गया था गौरैया का ब्याह 

क्या कन्यादान नहीं करने आएंगे आप.. 

आगामी बीस मार्च को ' विश्व गौरैया दिवस ' है ! अबकी बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव भी इस दिवस में सहभागी होने जा रहे है,बीस मार्च को जनेश्वर मिश्र पार्क में इस दिन एक बड़ा कार्यक्रम होने जा रहा है ! 

गौरतलब है कि विश्व की 14000 पक्षी प्रजातियों में से कुछ ऐसी भी हैं जिन्हे बस्ती का पक्षी या घरेलू जनमित्र कहकर पुकारा जाता था। लेकिन समय बीतता गया और विस्मृत होते बचपन के भूले बिसरे पलों के साथ-साथ विकास की धुन्ध में  बचपन की करीबी मित्र गौरैया रेड सूचि में जा चुकी है ! अब लगभग प्रकृति से ही नहीं हमारे घरों के आंगन, छतों की मुण्डेर, पक्के मकानों में ट्यूब लाइट पर छुपते- छुपाते घोंसला बनाने की आदत और ची - ची का फुदकना दिखलाई नही देता है ! 

 गौरैया को पेसरी फार्म्स (छोटे व मध्यम आकार के पक्षी) वर्ग में रखा गया है ! इसे अंग्रेजी व लैटिन भाषा में हाउस स्पैरो कहा जाता है. वही गौरैया को तमिल में अंगाड़ी कुरूवी और मलयालम में आड़िकलाई कुरूवी जिसका शाब्दिक अर्थ है घर बाजार का पक्षी व रसोई घर की चिड़िया।यह चिड़िया छः इंच से 15 सेमी0 तक लम्बी होती है !

 बुंदेलखंड के बाँदा जिले में गौरैया को लेकर संजीदा रहे प्रवास सोसाइटी के निदेशक आशीष सागर दीक्षित वर्ष 2010 से इस पर जागरूकता काम करते आ रहे है ! प्रवास संस्था ने प्रकृति सम्यक और मानव प्रेमी इस चिड़िया को सहेजने के लिए  पिछली बार की गौरैया का ब्याह किया था ! बचपन में जीते गुड्डा - गुडिया के ब्याह और मार्मिक उत्सव के बीच इस बार भी आशीष सागर वनविभाग ,स्थानीय प्रसाशन की उपस्थिति में 'गौरैया का ब्याह ' करने की तैयारी में जुटे है ! आने वाले 6 मार्च को बाँदा के नरैनी तहसील के गाँव मोहनपुर - खलारी में यह उत्सव ग्रामीण परंपरा और रस्मों के मध्य आयोजित किया जायेगा ! 

कार्यक्रम में वन रेंजर जेके जयसवाल,प्रभागीय वन अधिकारी प्रमोद गुप्ता,वन संरक्षक केएल मीणा भी इसके विशेष मेहमान होंगे ! मंडल आयुक्त एम वेंकटेश्वर लू के पहुँचने की सम्भावना है !  साथ ही बीस मार्च को हम ' गौरैया चौपाल ' लगायेंगे !.. ....बचपन में खेले गए गुड्डा- गुडिया की तर्ज पर आइये इस ब्याह के साक्षी बने !

 आशीष सागर 
बांदा-बुंदेलखंड 
प्रमुख -प्रवासनामा सोसाइटी 
ashish.sagar@bundelkhand.in

1 comments:

Dudhwa National Park said...

सुन कर अच्छा लगा ,
हम कन्या दान करने आएँगे

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