International Journal of Environment & Agriculture
ISSN 2395 5791
"किसी राष्ट्र की महानता और नैतिक प्रगति को इस बात से मापा जाता है कि वह अपने यहां जानवरों से किस तरह का सलूक करता है"- मोहनदास करमचन्द गाँधी

जर्मनी द्वारा अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार "द बॉब्स" से सम्मानित पत्रिका "दुधवा लाइव"

Mar 1, 2015

उत्तर प्रदेश के राज्य पक्षी सारस की रहस्यमयी मौतें


मैलानी के निकट एक गाँव में एक दर्जन से अधिक सारस मृत पाये गए 

अन्य स्थानीय व् प्रवासी पक्षियों की भी हुई मौत 

अप्रमाणित व् नकली जहरीले  कीट-नाशक  हो सकते है  मौत की वजह 


मैलानी से मनोज शर्मा की रिपोर्ट 

मैलानी-खीरी: मैलानी से कुछ दूर स्थित नारायणपुर गाँव के तालाब में जहर से १७ सारस और सैकड़ो परिंदों की मौत २७ जनवरी २०१५ को हो गयी, जाहिर है सारस उत्तर प्रदेश का राज्य पक्षी है,  और वर्तमान में इसकी तादाद कृषि के बदलते स्वरूप, पेस्टीसाइड के अंधाधुंध इस्तेमाल, और शिकार के चलते काफी घटी है,  गौरतलब है की एक माह पूर्व घटी यह घटना जिसमे देशी विदेशी पक्षियों की मौत इतनी तादाद में हो गयी और वन विभाग व् ग्रामीण चुप रहे, इन मृत पक्षियों के मृत शरीरों को चुपचाप ठिकाने लगाने के भी प्रयास किए गए, 


सूत्रों द्वारा प्राप्त जानकारी है की इन पक्षियों के मृत शरीर एक जगह गढ्ढे में दबाये गए, जो व्यक्ति तस्वीर में दिख रहा है, उसे वन विभाग का वॉचर बताया जा रहा है, एक तरफ भारत सरकार, और अंतर्राष्ट्रीय संस्थान पक्षियों को बचाने और उनके आवासों को सुरक्षित रखने में करोड़ों रुपये खर्च कर रहे है, तो दूसरी तरफ ऐसी घटनाएं घट रही है, और इन्हे छुपाने की कोशिश की जा रही है.

उत्तर प्रदेश के राज्य पक्षी की इतनी संख्या में मौत के कारणों की जांच सुनिश्चित होना जरूरी है, ताकि यह पता लगाया जा सके की किस प्रकार के जहर से उनकी मौत हुई, साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए की जनपद में पेस्टीसाइड की दुकानों पर कौन से ऐसे जहर है जो इस विशाल पक्षी की भी मौत का कारण बन सकते है, नकली व् अप्रमाणित कीटनाशकों का जनपद में जो धड़ल्ले से इस्तेमाल हो रहा है वह कीट पतंगों पशु पक्षियों के अलावा मानव के लिए भी बहुत हानिकारक हो सकता है.



ग्रामीण भी इतनी संख्या में मृत परिंदों के कारण सहमे हुए है और जिम्मेदार विभाग ने अभी तक कोई कार्यवाही नहीं की है.

सारस राज्य पक्षी होने के अतिरिक्त रेड डाटा बुक में वल्नरेबल श्रेणी में रखा गया है, भारतीय पक्षी वैज्ञानिक और सरकार इसके सरंक्षण पर जोर देते आ रहे है.



मनोज शर्मा (पत्रकार) 
मैलानी-खीरी 
9839393921                                                                                                                                        

1 comment:

  1. आयुर्वेदा, होम्योपैथी, प्राकृतिक चिकित्सा, योगा, लेडीज ब्यूटी तथा मानव शरीर
    http://www.jkhealthworld.com/hindi/
    आपकी रचना बहुत अच्छी है। Health World यहां पर स्वास्थ्य से संबंधित कई प्रकार की जानकारियां दी गई है। जिसमें आपको सभी प्रकार के पेड़-पौधों, जड़ी-बूटियों तथा वनस्पतियों आदि के बारे में विस्तृत जानकारी पढ़ने को मिलेगा। जनकल्याण की भावना से इसे Share करें या आप इसको अपने Blog or Website पर Link करें।

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