डायचे वेले जर्मनी द्वारा अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार "द बॉब्स" से सम्मानित पत्रिका "दुधवा लाइव"

International Journal of Environment & Agriculture, Vol.7, no 06, June 2017, ISSN 2395-5791

"किसी राष्ट्र की महानता और नैतिक प्रगति को इस बात से मापा जाता है कि वह अपने यहां जानवरों से किस तरह का सलूक करता है"- मोहनदास करमचन्द गाँधी

Aug 25, 2014

ई-उत्तरा पुरस्कार के नामंकन दाखिले की अंतिम तारीख आज

विभिन्न क्षेत्रों में दिए जाने वाले ई-सेवाओं के लिए ई उत्तरा पुरस्कार हेतु नामंकन की अंतिम तारीख आज-

नामंकन हेतु आवेदन आठ कैटगिरीज में दाखिल किया जा सकता है.



  • e-Education and Learning
  • e-Agriculture and Environment
  • e-Governance and citizen service delivery
  • e-Health
  • Community Broadcasting & Alt Media
  • e-School
  • e-NGO
  • Business Commerce & livelihood 
  •   नामांकन के लिए उत्तर प्रदेश के निवासी अपने कार्यों का ब्यौरा निम्नलिखित वेबसाईट पर आनलाइन दे सकते है, नामांकन की अंतिम तिथि २५ अगस्त की मध्यरात्री तक सीमित है.

    डिजिटल एम्पावरमेंट फ़ौंडेशन द्वारा ई-उत्तरा पुरस्कार की वेबसाईट पर यहाँ क्लिक करे.







    *दुधवा लाइव डेस्क

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    विविधा

    आओ प्यारे कम्प्युटर पर बाघ बचायें!
    अरूणेश सी दवे, जहाँ तक रही बात प्रबुद्ध बाघ प्रेमियों की जो नचनियों की तरह सज-धज कर जंगल कम इन्टरनेट पर ज्यादा अवतरित होते हैं, तो उनके लिये मै इंटरनेट मे वर्चुअल अबुझमाड़ बनाने का प्रयास कर रहा हूं । ताकि वो अपनी कोरी कल्पनाओं और वर्चुअल प्रयासों को इस आभासी दुनिया में जाहिर कर अपनी ई-कीर्ति बढ़ा सकें।

    सामुदायिक पक्षी सरंक्षण
    पक्षियों के संरक्षण का जीवन्त उदाहरण: ग्राम सरेली कृष्ण कुमार मिश्र, लखीमपुर खीरी* उन्नीसवी सदी की शुरूवात में ब्रिटिश हुकूमत के एक अफ़सर को लहूलुहान कर देने से यह गाँव चर्चा में आया मसला था।
    तो फ़िर उनसे सीखा हमने योग!
    धीरज वशिष्ठ* 84 लाख प्रजातियां और 84 लाख योगासन: पक्षियों-जानवरों से सीखा हमने आसन: धार्मिक चैनलों और बाबा रामदेव के कार्यक्रमों ने आज योग को घर-घर तक पहुंचा दिया है।
    नही रहा सुमित!
    दुधवा लाइव डेस्क* हाँ हम बात कर रहे है उस हाथी कि जो दो मई २०१० को लखनऊ चिड़ियाघर से दुधवा नेशनल पार्क भेजा गया था! वजह साफ़ थी, कि अब वह बूढ़ा हो गया था

    पर्यावरण

    क्या वे राज धर्म से वाकिफ़ हैं!
    कृष्ण कुमार मिश्र* भारत के कुछ पूर्व नेताओं ने मिसाले कायम की पर्यावरण व वन्य-जीव संरक्षण में

    अबूझमाड़ के जंगल- जहाँ बाघ नही नक्सल राज करते हैं!
    अरूणेश सी दवे* अबूझमाड़- एक प्राकृतिक स्वर्ग:

    मुद्दा

    क्या खत्म हो जायेगा भारतीय बाघ
    कृष्ण कुमार मिश्र* धरती पर बाघों के उत्थान व पतन की करूण कथा:

    दुधवा में गैडों का जीवन नहीं रहा सुरक्षित
    देवेन्द्र प्रकाश मिश्र* पूर्वजों की धरती पर से एक सदी पूर्व विलुप्त हो चुके एक सींग वाले भारतीय गैंडा

    हस्तियां

    पदम भूषण बिली अर्जन सिंह
    दुधवा लाइव डेस्क* नव-वर्ष के पहले दिन बाघ संरक्षण में अग्रणी भूमिका निभाने वाले महा-पुरूष पदमभूषण बिली अर्जन सिंह

    एक ब्राजीलियन महिला की यादों में टाइगरमैन बिली अर्जन सिंह
    टाइगरमैन पदमभूषण स्व० बिली अर्जन सिंह और मैरी मुलर की बातचीत पर आधारित इंटरव्यू:

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    देवेन्द्र प्रकाश मिश्र* आजादी के बाद बनी भारतीय वन-नीति की समीक्षा वर्ष 1988 में की गई थी।

    घायल तेन्दुए को जंगल में छोड़ा गया
    दुधवा लाइव डेस्क* अधूरे इलाज के बाद जंगल में छोड़ा गया घायल तेन्दुआ!