मेरी धरती मेरी माँ

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इस जिन्दा खूबसूरती को पिंजड़े में कैद न करे..तस्वीर पर क्लिक करे

"किसी राष्ट्र की महानता और नैतिक प्रगति को इस बात से मापा जाता है कि वह अपने यहां जानवरों से किस तरह का सलूक करता है"- मोहनदास करमचन्द गाँधी

Nov 11, 2012

आयुर्विज्ञान के पितामह धनवंतरी को नमन




इस स्वर्णिम आभा के जीव और इस औषधीय गुणों वाली वनस्पति के सहचर्य वाले इस चित्र के साथ जो प्रकृति और उसकी महत्ता को परिभाषित करता है, आयुर्विज्ञान के पितामह को नमन करते हुए महान चिकित्सा वैज्ञानिक धनवंतरी के जन्म दिवस पर आप सभी के स्वास्थ्य की मंगल कामनाओं के साथ राम के अयोध्या आगमन पर मनाये गए पर्व  दीवाली की भी तमाम अग्रिम शुभकामनाएँ....कृष्ण..


* दुधवा लाइव डेस्क

2 comments:

Archana said...


दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएँ ..

अमित वर्मा said...

मित्र आपको सपरिवार धनतेरस एवं दीपावली की तमाम बधाइयाँ !!! ये पर्व आपके घर में धन धान्य, सुख समृद्धि, प्रेंरणा और ईश्वर का अनंत आर्शीवाद लेकर आये.

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विविधा

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वन्य-जीव

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अबूझमाड़ के जंगल- जहाँ बाघ नही नक्सल राज करते हैं!
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