International Journal of Environment & Agriculture
ISSN 2395 5791
"किसी राष्ट्र की महानता और नैतिक प्रगति को इस बात से मापा जाता है कि वह अपने यहां जानवरों से किस तरह का सलूक करता है"- मोहनदास करमचन्द गाँधी

जर्मनी द्वारा अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार "द बॉब्स" से सम्मानित पत्रिका "दुधवा लाइव"

Dec 16, 2011

हिन्दी मीडिया डॉट इन में दुधवा लाइव पत्रिका का तस्किरा




हिन्दी की एक प्रतिष्ठित वेबसाइट हिन्दी मीडिया डॉट इन ने वन्य जीवन व पर्यावरण पर आधारित दुधवा लाइव पत्रिका का जिक्र बड़े सुन्दर लहज़े में अपनी वेबसाइट पर किया है, यकीनन इससे पत्रिका की प्रतिष्ठा व दुधवा लाइव पर उप्लब्ध शैक्षिक सामग्री व खबरे अधिकतम लोगों तक पहुंच सकेगी।

हिन्दी मीडिया डॉट इन द्वारा दुधवा लाइव पर आधारित आलेख को देखने के लिए यहां क्लिक करे ।

दुधवा लाइव डेस्क *
editor.dudhwalive@gmail.com

1 comment:

  1. हिन्दी मीडिया डॉट इन के माध्यम से वन्य जीवन व पर्यावरण को लेकर तमाम खबरें अधिक से अधिक लोगों तक पंहुचाने के लिए आपका शुक्रिया।
    -डॉ. रत्ना वर्मा

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विविधा

आओ प्यारे कम्प्युटर पर बाघ बचायें!
अरूणेश सी दवे, जहाँ तक रही बात प्रबुद्ध बाघ प्रेमियों की जो नचनियों की तरह सज-धज कर जंगल कम इन्टरनेट पर ज्यादा अवतरित होते हैं, तो उनके लिये मै इंटरनेट मे वर्चुअल अबुझमाड़ बनाने का प्रयास कर रहा हूं । ताकि वो अपनी कोरी कल्पनाओं और वर्चुअल प्रयासों को इस आभासी दुनिया में जाहिर कर अपनी ई-कीर्ति बढ़ा सकें।

सामुदायिक पक्षी सरंक्षण
पक्षियों के संरक्षण का जीवन्त उदाहरण: ग्राम सरेली कृष्ण कुमार मिश्र, लखीमपुर खीरी* उन्नीसवी सदी की शुरूवात में ब्रिटिश हुकूमत के एक अफ़सर को लहूलुहान कर देने से यह गाँव चर्चा में आया मसला था।
तो फ़िर उनसे सीखा हमने योग!
धीरज वशिष्ठ* 84 लाख प्रजातियां और 84 लाख योगासन: पक्षियों-जानवरों से सीखा हमने आसन: धार्मिक चैनलों और बाबा रामदेव के कार्यक्रमों ने आज योग को घर-घर तक पहुंचा दिया है।
नही रहा सुमित!
दुधवा लाइव डेस्क* हाँ हम बात कर रहे है उस हाथी कि जो दो मई २०१० को लखनऊ चिड़ियाघर से दुधवा नेशनल पार्क भेजा गया था! वजह साफ़ थी, कि अब वह बूढ़ा हो गया था