International Journal of Environment & Agriculture
ISSN 2395 5791
"किसी राष्ट्र की महानता और नैतिक प्रगति को इस बात से मापा जाता है कि वह अपने यहां जानवरों से किस तरह का सलूक करता है"- मोहनदास करमचन्द गाँधी

जर्मनी द्वारा अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार "द बॉब्स" से सम्मानित पत्रिका "दुधवा लाइव"

Mar 19, 2010

खीरी जनपद में "विश्व गौरैया दिवस"

©सतपाल सिंह*

दुधवा लाइव डेस्क* 
 विश्व गौरैया दिवस (World House Sparrow Day: 20 March, 2010) पर उत्तर
प्रदेश के खीरी जनपद में विभिन्न जगहों पर आयोजनों की तैयारिया चल रही हैं, चूंकि गौरैया दिवस तराई में अब जन-अभियान में तब्दील हो चुका है, इसलिए, गाँव, नगर व कस्बों में लोग अपने आँगन की चिड़िया की वापसी के लिए वह सब जुगत करने को तैयार हुए हैं, जिससे गौरैया फ़िर से उनके घरों में घोसला बना सके, आँगन में चहके..........!


तराई में दुधवा लाइव के द्वारा शुरू किए गये "गौरैया बचाओं जन-अभियान" से गौरैया ही नही,  वरन हमारे आस-पास के सभी पशु-पक्षियों के सरंक्षण पर जो आम-जन-मानस का ध्यान गया है, वह सराहनीय है, खास-तौर से इस अभियान को उरूज पर पहुंचाने का श्रेय कांग्रेस नेता रामेन्द्र जनवार को जाता है जिन्होंने खीरी में रहने वाले सभी धाराओं के लोगों को इस अभियान से जोड़ने का अतुलनीय कार्य किया।
इन प्रयासों में जो सफ़लता हमें मिली हैं, और जो लोग गौरैया मिशन में आगे आये हैं, उनके द्वारा किए जा रहे प्रयासों और कार्यक्रमों जानकारी आप सभी को दुधवा लाइव द्वारा दी जा रही है। 
लखीमपुर शहर में-
विश्व जीव-जन्तु कल्याण बोर्ड के प्रमुख राजीव तिवारी "अन्नू" ने २० मार्च को जिला मुख्यालय पर गौरैया दिवस के उपलक्ष्य में एक कवि सम्मेलन के आयोजन की तैयारियां पूरी कर ली है, जिसमें लोक-जीवन में बसी गौरैया की बाते कविता के माध्यम से जन-मानस में पहुंचाने के प्रयास किए जायेंगे।

सौजन्या (सामाजिक महिला संगठन) की प्रमुख डा० उमा कटियार इस अवसर पर एक वृहद कार्यक्रम का आयोजन करेंगी जिसमें गौरैया सरंक्षण में महिलाओं की भागीदारी सुनश्चित की जायेगी, और वह सभी प्रयास पूरे वर्ष जारी रहेंगे, जो गौरैया की वंश वृद्धि में सहायक होंगे। डा० कटियार ने दुधवा लाइव को बताया है, कि वह पहले से घरों की छतों पर पानी व अनाज रखवाने के कार्यक्रम चलाये हैं, जो सफ़ल भी रहे।

भारतीय समता समाज के श्यामपाल राजवंशी (एडवोकेट) भी २० मार्च को "विश्व गौरैया दिवस" पर  जिला मुख्यालय में अपने कार्यालय पर एक गोष्ठी आयोजित करेंगे, जिसमें महिलाओं की भागीदारी प्रमुखता से होगी।
कस्ता
रोजी-रोटी संगठन के विनोद कुमार सिंह ने राजा लोने सिंह मार्ग पर कस्ता के निकट स्थित अपने कैम्प कार्यालय में गौरैया दिवस पर तमाम सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन करेंगें, जिनमें गौरैया के सरंक्षण व उसके महत्व को बतलाया जायेगा। आप ने  १५ स्कूलों के बच्चों की भागीदारी सुनश्चित की है।
ओयल
जनपद के ओयल कस्बे में गौरैया दिवस "ओयल नंदन संस्था की ओर से किया जायेगा, जिसकी अध्यक्षता युवराज दत्त विद्यालय के पूर्व प्राचार्य रविन्द्र पाल सिंह करेंगे।
मितौली
मितौली में "विश्व गौरैया दिवस" का आयोजन मितौली के तमाम जागरूक निवासी, व्यापारी, राजनैतिक संगठन, विद्यालयों और सामाजिक संगठनों द्वारा किया जायेगा। जिसमें राजा लोने सिंह विद्यालय के प्राचार्य बलबीर सिंह, व स्थानीय युवा कांग्रेस इकाई के नेता अमित गुप्ता जी की विशेष भागीदारी रहेगी।
पलिया
दुधवा नेशनल पार्क के समीप स्थित पलिया कस्बें में सृष्टि कंजर्वेशन एंड वेलफ़ेयर सोसायटी द्वारा आयोजित किया जायेगा। संस्था प्रमुख देवेन्द्र प्रकाश मिश्र गौरैया बचाओ अभियान में पूरे वर्ष जागरूकता अभियान चलाने की तैयारी में हैं।
ईसानगर
गाँव वीरसिंह पुर के लोग "विश्व गौरैया दिवस" का आयोजन स्थानीय बाजार में करेंगे, जहाँ लोगों के हुजूम को लाउडस्पीकर के माध्यम से पशु-पक्षियों के सरंक्षण के लिए जागरूक किया जायेगा। इस गाँव में लोगों के घरों में गौरैया अभी भी चहचहाती हैं...., वीरसिंह पुर में उमेश श्रीवास्तव  ने "गौरैया बचाओं जन-अभियान" की बागडोर अपने हाथों मे ली है।
खीरी जनपद के लोगों के उत्साह और उनके प्रयासों को देखते हुए हम अब यह कह सकते हैं कि अब हमारे आस-पास के पक्षी और जीव-जन्तु अपने अस्तित्व की लड़ायी में अवश्य सफ़ल होंगें।

*(गौरैया की यह तस्वीर साभार: सतपाल सिंह संपर्क: satpalsinghwlcn@gmail.com)


दुधवा लाइव डेस्क

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