डायचे वेले जर्मनी द्वारा अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार "द बॉब्स" से सम्मानित पत्रिका "दुधवा लाइव"

International Journal of Environment & Agriculture, Vol.7, no 05, May 2017, ISSN 2395-5791

"किसी राष्ट्र की महानता और नैतिक प्रगति को इस बात से मापा जाता है कि वह अपने यहां जानवरों से किस तरह का सलूक करता है"- मोहनदास करमचन्द गाँधी

Feb 28, 2014

खूनी बाघ की आहट, गांव वालों ने आंखों में काटी रात


डिमरौल गांव का गुनाहगार बाघ, वापस आया गांव?

बुधवार रात दो बार बाघ ने गांव में घुसने की कोशिश

 डिमरौल में अब भी खौफ कायम, लोग लाठी डंडों को लेकर खेतों में,
बिजुआ। अपने सिर एक इंसानी कत्ल का इल्जाम लेकर घूम रहे बाघ ने क्या फिर से इसी गांव की ओर रुख कर लिया है? बुधवार रात करीब दस बजे व तीसरे पहर गांव वालों ने बाघ को गांव के करीब देखा, उन्होंने दावा किया कि वह गांव में फिर से आ रहा था, लेकिन उन्होनें हाका लगाया व आग जलाई। ऐसे करते ही ग्रामीणों की पूरी रात कट गई। वहीं वन महकमा इस दावे पर इत्तफाक जता रहा है।

बुधवार की रात करीब दस बजे डिमरौल गांव में शौच गई एक युवती ने रास्ते से गुजर रहे ट्रैक्टर की रोशनी में बाघ को देखा। युवती ने दौड़कर गांव में खबर दी, लोग लाठी, डंडे लेकर हाका लगाते हुए व ट्रैक्टर लेकर बाघ के पीछे दौड़ पड़े। बाघ के खौफ में लोगों ने रतजग्गा किया। तीसरे पहर भी करीब तीन बजे एक बार फिर गांव की ओर बाघ आने का दावा करते हुए लोगों ने हाका लगाया। 


डिमरौल गांव में बाघ के देखे जाने की सूचना महज अफवाह है। यहां पर विभागीय टीम को जो पगमार्क मिले हैं, वह कई दिनों पुराने हैं, फिलहाल वह सेमरिया गांव में हैं, यहां पगमार्क तलश जारी है। 
मंगत सिंह मलिक, रेंजर भीरा। 
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अब्दुल सलीम खान  अमरउजाला  में  पत्रकार है, हिंदुस्तान अखबार में  कई वर्षों तक  पत्रकारिता  कर चुके है  वन्य जीवन एवं सामाजिक मुद्दों पर पैनी नज़र, गुलरिया खीरी में निवास, इनसे  salimreporter.lmp@gmail.com पर संपर्क कर सकते है. 


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