International Journal of Environment & Agriculture
ISSN 2395 5791
"किसी राष्ट्र की महानता और नैतिक प्रगति को इस बात से मापा जाता है कि वह अपने यहां जानवरों से किस तरह का सलूक करता है"- मोहनदास करमचन्द गाँधी

जर्मनी द्वारा अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार "द बॉब्स" से सम्मानित पत्रिका "दुधवा लाइव"

Nov 15, 2010

दुधवा लाइव चैनल


            दुधवा लाइव चैनल के सभी वीडियो/ डाक्युमेन्ट्री फ़िल्म देखने के लिये यहाँ क्लिक करे ।



सामुदायिक पक्षी सरंक्षण, जनपद खीरी, उत्तर प्रदेश, भारत

4 comments:

  1. http://www.youtube.com/watch?v=zTfA9ADeQds

    ReplyDelete
  2. bahut achha prayaas hai good work....mirza raju

    ReplyDelete
  3. दुधवा राष्ट्रीय उद्यान भारत सरकार का एक बहुत ही महत्त्वपूर्ण वन्यजीव संरक्षण केन्द्र है। यहां पर टाइगर और गैँडे को संरक्षित किया जाता है। यहां पर बहुत सी शिक्षाप्रद और लाभकारी जानकारियां एवं चित्र मिलते हैं। मैने खुद इसकी कई बार यात्रा की है। क्रपया एक बार इसकी यात्रा अवश्य करेँ। यहाँ पर प्रवेश निःशुल्क है।

    ReplyDelete

आप के विचार!

विविधा

आओ प्यारे कम्प्युटर पर बाघ बचायें!
अरूणेश सी दवे, जहाँ तक रही बात प्रबुद्ध बाघ प्रेमियों की जो नचनियों की तरह सज-धज कर जंगल कम इन्टरनेट पर ज्यादा अवतरित होते हैं, तो उनके लिये मै इंटरनेट मे वर्चुअल अबुझमाड़ बनाने का प्रयास कर रहा हूं । ताकि वो अपनी कोरी कल्पनाओं और वर्चुअल प्रयासों को इस आभासी दुनिया में जाहिर कर अपनी ई-कीर्ति बढ़ा सकें।

सामुदायिक पक्षी सरंक्षण
पक्षियों के संरक्षण का जीवन्त उदाहरण: ग्राम सरेली कृष्ण कुमार मिश्र, लखीमपुर खीरी* उन्नीसवी सदी की शुरूवात में ब्रिटिश हुकूमत के एक अफ़सर को लहूलुहान कर देने से यह गाँव चर्चा में आया मसला था।
तो फ़िर उनसे सीखा हमने योग!
धीरज वशिष्ठ* 84 लाख प्रजातियां और 84 लाख योगासन: पक्षियों-जानवरों से सीखा हमने आसन: धार्मिक चैनलों और बाबा रामदेव के कार्यक्रमों ने आज योग को घर-घर तक पहुंचा दिया है।
नही रहा सुमित!
दुधवा लाइव डेस्क* हाँ हम बात कर रहे है उस हाथी कि जो दो मई २०१० को लखनऊ चिड़ियाघर से दुधवा नेशनल पार्क भेजा गया था! वजह साफ़ थी, कि अब वह बूढ़ा हो गया था