वन्य जीवन एवं पर्यावरण

International Journal of Environment & Agriculture ISSN 2395 5791

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ये जंगल तो हमारे मायका हैं

बीती सदी में बापू ने कहा था

"किसी राष्ट्र की महानता और नैतिक प्रगति को इस बात से मापा जाता है कि वह अपने यहां जानवरों से किस तरह का सलूक करता है"- मोहनदास करमचन्द गाँधी

जैव-विविधिता

Biological Diversity
If we can teach people about wildlife, they will be touched. Share my wildlife with me. Because humans want to save things that they love.
Steve Irwin
“I too took the plunge - the vow to observe brahmacharya for life. I must confess that I had not then fully realized the magnitude and immensity of the task I undertook. The difficulties are even today staring me in the face. The importance of the vow is being more and more borne in upon me. Life without brahmacharya appears to me to be insipid and animal-like. The brute by nature knows no self-restraint. Man is man because he is capable of, and only in so far as he exercises, self-restraint. What formerly appeared to me to be extravagant praise of brahmacharya in our religious books seems now, with increasing clearness every day, to be absolutely proper and founded on experience.”
― Gandhi


विविध मसलों पर केंद्रित वेबसाइट दुधवा लाइव जो समर्पित है पर्यावरण व वन्य जीवन को।
It is the mark of an educated mind to be able to entertain a thought without accepting it. -Aristole 

.DudhwaLive Desk

जर्मनी द्वारा अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार "द बॉब्स" से सम्मानित पत्रिका "दुधवा लाइव"

मुद्दा

क्या खत्म हो जायेगा भारतीय बाघ
कृष्ण कुमार मिश्र* धरती पर बाघों के उत्थान व पतन की करूण कथा:

दुधवा में गैडों का जीवन नहीं रहा सुरक्षित
देवेन्द्र प्रकाश मिश्र* पूर्वजों की धरती पर से एक सदी पूर्व विलुप्त हो चुके एक सींग वाले भारतीय गैंडा

हस्तियां

पदम भूषण बिली अर्जन सिंह
दुधवा लाइव डेस्क* नव-वर्ष के पहले दिन बाघ संरक्षण में अग्रणी भूमिका निभाने वाले महा-पुरूष पदमभूषण बिली अर्जन सिंह

एक ब्राजीलियन महिला की यादों में टाइगरमैन बिली अर्जन सिंह
टाइगरमैन पदमभूषण स्व० बिली अर्जन सिंह और मैरी मुलर की बातचीत पर आधारित इंटरव्यू:

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