वन्य जीवन एवं पर्यावरण

International Journal of Environment & Agriculture ISSN 2395 5791

Breaking

ये जंगल तो हमारे मायका हैं

बीती सदी में बापू ने कहा था

"किसी राष्ट्र की महानता और नैतिक प्रगति को इस बात से मापा जाता है कि वह अपने यहां जानवरों से किस तरह का सलूक करता है"- मोहनदास करमचन्द गाँधी

Jul 10, 2019

लखीमपुर खीरी जनपद की सिंचाई नहर में मिला बाघ का शव


लखीमपुर खीरी: नहर में बहकर आये बाघ का शव मिलने से फैली सनसनी, मृत बाघ की सूचना मिलने पर वन विभाग में मचा हड़कम्प, दक्षिण खीरी वन प्रभाग के वन रेंज फरधान के बिझौली पुल के पास की नहर का मामला।

दुधवा राष्ट्रीय उद्यान, किशनपुर वन्य जीव विहार, पीलीभीत टाइगर रिजर्व व उत्तर तथा दक्षिण खीरी वन प्रभाग के शाखू के जंगलों में बाघों की अच्छी तादाद है, नदियों व नहरों के फैले जाल में तराई के यह जंगल पूरी दुनिया में वन्य जीवों के मामले में समृद्ध माने जाते हैं, पूर्व में भी कई बार जनपद खीरी में नहर में मृत बाघ पाए गए, जबकि बाघ दुनिया का सबसे शक्तिशाली तैराक होता है, ऐसे में बाघों के नहरों व नदियों बहकर मर जाने के मसलों पर सवाल खड़ा होता है।

दुधवा लाइव डेस्क

No comments:

Post a Comment

आप के विचार!

जर्मनी द्वारा अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार "द बॉब्स" से सम्मानित पत्रिका "दुधवा लाइव"

मुद्दा

क्या खत्म हो जायेगा भारतीय बाघ
कृष्ण कुमार मिश्र* धरती पर बाघों के उत्थान व पतन की करूण कथा:

दुधवा में गैडों का जीवन नहीं रहा सुरक्षित
देवेन्द्र प्रकाश मिश्र* पूर्वजों की धरती पर से एक सदी पूर्व विलुप्त हो चुके एक सींग वाले भारतीय गैंडा

हस्तियां

पदम भूषण बिली अर्जन सिंह
दुधवा लाइव डेस्क* नव-वर्ष के पहले दिन बाघ संरक्षण में अग्रणी भूमिका निभाने वाले महा-पुरूष पदमभूषण बिली अर्जन सिंह

एक ब्राजीलियन महिला की यादों में टाइगरमैन बिली अर्जन सिंह
टाइगरमैन पदमभूषण स्व० बिली अर्जन सिंह और मैरी मुलर की बातचीत पर आधारित इंटरव्यू:

Post Top Ad

Your Ad Spot