वन्य जीवन एवं पर्यावरण

International Journal of Environment & Agriculture ISSN 2395 5791

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ये जंगल तो हमारे मायका हैं

बीती सदी में बापू ने कहा था

"किसी राष्ट्र की महानता और नैतिक प्रगति को इस बात से मापा जाता है कि वह अपने यहां जानवरों से किस तरह का सलूक करता है"- मोहनदास करमचन्द गाँधी

Feb 20, 2017

गन्ने की एक प्रजाति जो बदल सकती है किसानों की तकदीर

February 20, 2017 13
गन्ना उपज एवम् चीनी परता में उत्तरोत्तर वृद्धि प्राप्त करने हेतु शीघ्र पकने वाली प्रजाति को0शा0 08272  सूर्य की किरणों से प्राप्त...
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Feb 15, 2017

Feb 5, 2017

पीहर वृक्ष दान परम्परा की खीरी जनपद से हो रही है शुरुआत

February 05, 2017 0
पर्यावरण को संवर्धित करने की एक नई मुहिम- पीहर वृक्ष दान परम्परा। दिनांक 6 फरवरी सायं गोला के गौरी बैंक्विट हाल में दुधवा लाइव अंत...
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जर्मनी द्वारा अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार "द बॉब्स" से सम्मानित पत्रिका "दुधवा लाइव"

मुद्दा

क्या खत्म हो जायेगा भारतीय बाघ
कृष्ण कुमार मिश्र* धरती पर बाघों के उत्थान व पतन की करूण कथा:

दुधवा में गैडों का जीवन नहीं रहा सुरक्षित
देवेन्द्र प्रकाश मिश्र* पूर्वजों की धरती पर से एक सदी पूर्व विलुप्त हो चुके एक सींग वाले भारतीय गैंडा

हस्तियां

पदम भूषण बिली अर्जन सिंह
दुधवा लाइव डेस्क* नव-वर्ष के पहले दिन बाघ संरक्षण में अग्रणी भूमिका निभाने वाले महा-पुरूष पदमभूषण बिली अर्जन सिंह

एक ब्राजीलियन महिला की यादों में टाइगरमैन बिली अर्जन सिंह
टाइगरमैन पदमभूषण स्व० बिली अर्जन सिंह और मैरी मुलर की बातचीत पर आधारित इंटरव्यू:

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