वन्य जीवन एवं पर्यावरण

International Journal of Environment & Agriculture ISSN 2395 5791

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ये जंगल तो हमारे मायका हैं

बीती सदी में बापू ने कहा था

"किसी राष्ट्र की महानता और नैतिक प्रगति को इस बात से मापा जाता है कि वह अपने यहां जानवरों से किस तरह का सलूक करता है"- मोहनदास करमचन्द गाँधी

Aug 30, 2016

’’केन-बेतवा लिंक बुंदेलखण्ड को बाढ़-सुखाड़ में फंसाकरमारने का काम है।’’

August 30, 2016 0
जलपुरुष ने तोड़ी चुप्पी प्रस्तोता: अरुण तिवारी ’’यह सरकार सुनती नहीं, तो हम क्या बोलें ?’’ ’’विकेन्द्रित जल प्रबंधन ही बाढ़-सुखा...
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Aug 22, 2016

ये वृक्ष गाज़ा पट्टी हैं, जहाँ पक्षी हैं शरणार्थी...

August 22, 2016 1
जैव-विवधिता के इन अति संवेदनशील जगहों के प्रति कितने संवेदनशील हैं वन्य-जीव प्रेमी ? इन्दौर रेलवे स्टेशन के बाहर पेड़ो पर सुबह और ...
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Aug 17, 2016

गोमती किनारे लगाए गए फलदार प्रजातियों के पौधे पवित्र भोज का किया गया आयोजन

August 17, 2016 0
वन्य जीवन के कल्याण के लिए पशुपतिनाथ का किया रुद्राभिषेक  वन्य जीव सरंक्षण व् प्रकृति के सभी जीव जंतु व् वनस्पतियों के कल्याण के लिए...
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Aug 8, 2016

गंगा सफाई पर मनमोहन से कम सीरियस हैं मोदी ! : गंगा सफाई के बजट में कटौती के बाद बचा पैसा भी खर्च नहीं कर पा रही ‘मोदी सरकार'

August 08, 2016 0
(लखनऊ)  लगभग सवा दो साल पहले भाजपा द्वारा प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार  बनाए  गए नरेन्द्र मोदी ने उत्तरप्रदेश की बनारस लोकसभा सीट से न...
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जर्मनी द्वारा अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार "द बॉब्स" से सम्मानित पत्रिका "दुधवा लाइव"

मुद्दा

क्या खत्म हो जायेगा भारतीय बाघ
कृष्ण कुमार मिश्र* धरती पर बाघों के उत्थान व पतन की करूण कथा:

दुधवा में गैडों का जीवन नहीं रहा सुरक्षित
देवेन्द्र प्रकाश मिश्र* पूर्वजों की धरती पर से एक सदी पूर्व विलुप्त हो चुके एक सींग वाले भारतीय गैंडा

हस्तियां

पदम भूषण बिली अर्जन सिंह
दुधवा लाइव डेस्क* नव-वर्ष के पहले दिन बाघ संरक्षण में अग्रणी भूमिका निभाने वाले महा-पुरूष पदमभूषण बिली अर्जन सिंह

एक ब्राजीलियन महिला की यादों में टाइगरमैन बिली अर्जन सिंह
टाइगरमैन पदमभूषण स्व० बिली अर्जन सिंह और मैरी मुलर की बातचीत पर आधारित इंटरव्यू:

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