वन्य जीवन एवं पर्यावरण

International Journal of Environment & Agriculture ISSN 2395 5791

Breaking

ये जंगल तो हमारे मायका हैं

बीती सदी में बापू ने कहा था

"किसी राष्ट्र की महानता और नैतिक प्रगति को इस बात से मापा जाता है कि वह अपने यहां जानवरों से किस तरह का सलूक करता है"- मोहनदास करमचन्द गाँधी

Mar 27, 2016

हमारी चिड़िया


घर की गौरैया
...................

किसे देखती हो तुम गौरैया
कौन तुम्हें बुलायेगा 
गंगा को भागीरथ लाये 
तुम्हें कौन ले आयेगा
आज दुनिया ऑनलाइन है
किसके पास आज टाइम है
चाँद मंगल पर पानी ढू़ढ़ते
घर की गौरैया गायब है |

किसे ढू़ढ़ती हो तुम गौरैया
कौन दाना तुम्हें चुगायेगा
हाथी को ले आये थे भीम
तुम्हें कौन ले आयेगा
            दुनिया आज स्वार्थी है           
तुमसे वो क्या पायेगा
परग्रही पूर्वजों को ढू़ढ़ते
घर की गौरैया गायब है |

किसे सोचती हो तुम गौरैया
कौन तुम्हें पुकारेगा
कामधेनु को ले आये थे मुनि
आज तुम्हें कौन ले आयेगा
दुनिया आज प्रपंची है पर
कुछ बच्चे माँ धरती के चिंतित है
महामशीन से कण ढू़ढ़ते
घर की गौरैया भी लायक है |




 (आकांक्षा सक्सेना, लेखिका उत्तर प्रदेश के एतिहासिक शहर औरैया से ताल्लुक रखती है, हिन्दी भाषा के प्रसार और मानव अभिव्यक्तियों को अपने ब्लॉग "समाज और हम "के माध्यम से प्रसारित और जाहिर करती है.)     

2 comments:

आप के विचार!

जर्मनी द्वारा अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार "द बॉब्स" से सम्मानित पत्रिका "दुधवा लाइव"

मुद्दा

क्या खत्म हो जायेगा भारतीय बाघ
कृष्ण कुमार मिश्र* धरती पर बाघों के उत्थान व पतन की करूण कथा:

दुधवा में गैडों का जीवन नहीं रहा सुरक्षित
देवेन्द्र प्रकाश मिश्र* पूर्वजों की धरती पर से एक सदी पूर्व विलुप्त हो चुके एक सींग वाले भारतीय गैंडा

हस्तियां

पदम भूषण बिली अर्जन सिंह
दुधवा लाइव डेस्क* नव-वर्ष के पहले दिन बाघ संरक्षण में अग्रणी भूमिका निभाने वाले महा-पुरूष पदमभूषण बिली अर्जन सिंह

एक ब्राजीलियन महिला की यादों में टाइगरमैन बिली अर्जन सिंह
टाइगरमैन पदमभूषण स्व० बिली अर्जन सिंह और मैरी मुलर की बातचीत पर आधारित इंटरव्यू:

Post Top Ad

Your Ad Spot