वन्य जीवन एवं पर्यावरण

International Journal of Environment & Agriculture ISSN 2395 5791

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ये जंगल तो हमारे मायका हैं

बीती सदी में बापू ने कहा था

"किसी राष्ट्र की महानता और नैतिक प्रगति को इस बात से मापा जाता है कि वह अपने यहां जानवरों से किस तरह का सलूक करता है"- मोहनदास करमचन्द गाँधी

Mar 31, 2016

गौरैया तुझे जब देखता हूँ अपने आँगन में, तो उसके घर में तेरा वो नशेमन याद आता है...

March 31, 2016 1
चलो चले उस चिड़िया को हंसाया जाए... सम्पादक की कलम से... कुछ बेतरतीब शेर जो उस चिड़िया से बावस्ता हैं, यह अलाहिदा शेर जो नज़्म न ...
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Mar 30, 2016

थर्मल पावर प्लांट्स की वजह से भारत में गंभीर जल संकटः ग्रीनपीस

March 30, 2016 0
जल क्षेत्रों में प्रस्तावित 170 गिगावाट कोयला प्लांट्स से बढ़ सकती है किसानों की जल समस्या नई दिल्ली। 22 मार्च 2016। यदि सैकड़ो...
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Mar 27, 2016

हमारी चिड़िया

March 27, 2016 2
घर की गौरैया ................... किसे देखती हो तुम गौरैया कौन तुम्हें बुलायेगा  गंगा को भागीरथ लाये  तुम्हें कौन ले आयेगा ...
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Mar 22, 2016

Mar 6, 2016

जर्मनी द्वारा अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार "द बॉब्स" से सम्मानित पत्रिका "दुधवा लाइव"

मुद्दा

क्या खत्म हो जायेगा भारतीय बाघ
कृष्ण कुमार मिश्र* धरती पर बाघों के उत्थान व पतन की करूण कथा:

दुधवा में गैडों का जीवन नहीं रहा सुरक्षित
देवेन्द्र प्रकाश मिश्र* पूर्वजों की धरती पर से एक सदी पूर्व विलुप्त हो चुके एक सींग वाले भारतीय गैंडा

हस्तियां

पदम भूषण बिली अर्जन सिंह
दुधवा लाइव डेस्क* नव-वर्ष के पहले दिन बाघ संरक्षण में अग्रणी भूमिका निभाने वाले महा-पुरूष पदमभूषण बिली अर्जन सिंह

एक ब्राजीलियन महिला की यादों में टाइगरमैन बिली अर्जन सिंह
टाइगरमैन पदमभूषण स्व० बिली अर्जन सिंह और मैरी मुलर की बातचीत पर आधारित इंटरव्यू:

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