वन्य जीवन एवं पर्यावरण

International Journal of Environment & Agriculture ISSN 2395 5791

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ये जंगल तो हमारे मायका हैं

बीती सदी में बापू ने कहा था

"किसी राष्ट्र की महानता और नैतिक प्रगति को इस बात से मापा जाता है कि वह अपने यहां जानवरों से किस तरह का सलूक करता है"- मोहनदास करमचन्द गाँधी

Feb 28, 2015

Feb 21, 2015

Feb 20, 2015

Feb 19, 2015

मध्य भारत के बचे हुए साल फारेस्ट को बचाने की मुहिम में प्रिया पिल्लई

February 19, 2015 0
प्रिया पिल्लई ने सरकार के  ‘ प्रतिबंध ’  प्रस्ताव की निंदा की कोर्ट कल तक के लिये स्थगित किया गया नई दिल्ली। 18 फरवरी 2015।   ग्री...
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Feb 18, 2015

आसमान के बादशाह गिद्धों की संख्या में हो रही वृद्धि

February 18, 2015 1
पन्ना टाइगर रिजर्व बना इन पक्षियों का पसंदीदा ठिकाना  गणना में नौ प्रजाति के 1676 गिद्ध पाये गये  पन्ना, मध्य प्रदेश,  विलुप्त ह...
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Feb 7, 2015

वन्य जीवन फोटोग्राफी में सतपाल सिंह को अंतरराष्ट्रीय सम्मान

February 07, 2015 1
 मेलवीटा नेचर इमेजेज अवार्ड्स 2014  - ‘स्टोरीज आफ स्पीसीज’ श्रेणी में मिला तीसरा पुरस्कार - इस वर्ष यह पुरस्कार पाने व...
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Feb 4, 2015

एक तेंदुए का क़त्ल- जहां इंसानियत और दरिन्दगी में फ़र्क को ही मिटा दिया गया

February 04, 2015 0
हापुड़ में हथियार बिना ही मार गिराया तेंदुआ -शुक्रवार की रात को पहुंचा था जंगल में -शनिवार की सुबह दो कुत्तों को बनाया निवाला -आठ...
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जर्मनी द्वारा अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार "द बॉब्स" से सम्मानित पत्रिका "दुधवा लाइव"

मुद्दा

क्या खत्म हो जायेगा भारतीय बाघ
कृष्ण कुमार मिश्र* धरती पर बाघों के उत्थान व पतन की करूण कथा:

दुधवा में गैडों का जीवन नहीं रहा सुरक्षित
देवेन्द्र प्रकाश मिश्र* पूर्वजों की धरती पर से एक सदी पूर्व विलुप्त हो चुके एक सींग वाले भारतीय गैंडा

हस्तियां

पदम भूषण बिली अर्जन सिंह
दुधवा लाइव डेस्क* नव-वर्ष के पहले दिन बाघ संरक्षण में अग्रणी भूमिका निभाने वाले महा-पुरूष पदमभूषण बिली अर्जन सिंह

एक ब्राजीलियन महिला की यादों में टाइगरमैन बिली अर्जन सिंह
टाइगरमैन पदमभूषण स्व० बिली अर्जन सिंह और मैरी मुलर की बातचीत पर आधारित इंटरव्यू:

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