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Dec 28, 2014

खीरी के जंगलों से बाहर आबादी में घुसपैठ कर रहे हैं हाथी आखिर क्यों?



जंगली हाथियों ने बारह एकड़ गन्ना बर्बाद किया
दलराजपुर गांव में हाथियों का धावा
खैरागौढ़ी जंगल से अक्सर निकलता है झुंड
फोटो : गुरुवार रात खैरागौढ़ी जंगल से निकले जंगली हाथियों के झुंड ने दलराजपुर गांव के किसानों की गन्ने की फसल इस तरह रौंदकर तबाह कर दिया।

निघासन/खैरटिया-खीरी।
तिकुनियां इलाके में भारत-नेपाल सीमा पर खैरागौढ़ी जंगल से निकले जंगली हाथियों के झुंड ने गुरुवार रात दजराजपुर गांव के किसानों के खेतों में जमकर ऊधम मचाया। हाथियों के झुंड ने एक ही रात में करीब बारह एकड़ गन्ने की फसल रौंदकर और चबाकर नष्ट कर डाली। किसानों ने इसकी सूचना वन विभाग को दी है।
नेपाल सीमा से सटे खैरागौढ़ी जंगल से गुरुवार रात को निकले जंगली हाथियों के एक झुंड ने दजराजपुर गांव के किसानों के गन्ने के खेतों पर धावा बोल दिया। रात भर चले हाथियों के उपद्रव में किसानों की करीब बारह एकड़ गन्ने की फसल तबाह हो गई। पूरे खेत में हाथियों के पैरों के निशान और टूटा व कुचला पड़ा गन्ना ही दिख रहा था। इस नुकसान का पता किसानों को पता तब चला जब वे सुबह अपने खेत देखने गए। किसानों का कहना है कि नेपाल सीमा के इस इलाके के कई गांवों और खेतों पर अक्सर हाथी हमलावर होते रहते हैं। वे लोगों के घर भी तोड़ डालते हैं। तमाम गुहार लगाने के बावजूद अब तक जंगल महकमा इस पर बाड़ लगाने आदि की कोई कार्रवाई नहीं कर सका है।


दलराजपुर गांव के किसान सुखविंदर सिंह ने बताया कि गांव से कुछ दूरी पर उसका खेत है जिसमें गन्ना लगा हुआ है। शुक्रवार जब वह अपना खेत देखने गया तो उसे जंगली हाथियों के पैरों के निशान और टूटा-कुचला गन्ना मिला था। सुखविंदर सिंह के अलावा हाथियों ने उसकी दर्शन सिंह, जसविंदर सिंह और हरनेक सिंह आदि के खेतों में खड़ी फसल को भी रौंदकर, चबाकर और तोड़कर बर्बाद कर दिया है। इन सभी किसानों ने इसकी सूचना वन विभाग को दी है।


वन विभाग की ज़ुबानी -
जंगली हाथियों से दलराजपुर के किसानों की फसलों के नुकसान की इत्तिला मिली है। इसकी जांच करके किसानों को हुए नुकसान का मुआवजा दिलाने के लिए सरकार को आवेदन भेजा जाएगा।
एमएन सिंह, वन क्षेत्राधिकारी बेलरायां

सुबोध पाण्डेय 
पत्रकार एवं एडवोकेट 
निघासन-खीरी 
pandey.subodhlmp@gmail.com


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