वन्य जीवन एवं पर्यावरण

International Journal of Environment & Agriculture ISSN 2395 5791

Breaking

ये जंगल तो हमारे मायका हैं

बीती सदी में बापू ने कहा था

"किसी राष्ट्र की महानता और नैतिक प्रगति को इस बात से मापा जाता है कि वह अपने यहां जानवरों से किस तरह का सलूक करता है"- मोहनदास करमचन्द गाँधी

Jun 18, 2014

प्रणय युद्ध में दुधवा के जंगल में हुई हाथी की मौत

June 18, 2014 0
तीन डाक्टरों की टीम ने किया पोस्टमार्टम फोटो: दुधवा क्षेत्र के बांकेंताल में मृत पड़ा हाथी का शव दुधवा-खीरी से, डीपी मिश्र। दुध...
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Jun 17, 2014

खीरी के युवाओं ने ली बागडोर नदियों को बचाने की- अफ़सोस प्रशासन और सरकार हैं तटस्थ

June 17, 2014 0
लखीमपुर खीरी जनपद में छोटी बड़ी नदियों का एक बड़ा जाल है जो इस धरती को उपजाऊँ बनाती है साथ ही कृषि को उन्नत भी, और बड़ी नदियों की जलधारा ...
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Jun 4, 2014

जर्मनी द्वारा अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार "द बॉब्स" से सम्मानित पत्रिका "दुधवा लाइव"

मुद्दा

क्या खत्म हो जायेगा भारतीय बाघ
कृष्ण कुमार मिश्र* धरती पर बाघों के उत्थान व पतन की करूण कथा:

दुधवा में गैडों का जीवन नहीं रहा सुरक्षित
देवेन्द्र प्रकाश मिश्र* पूर्वजों की धरती पर से एक सदी पूर्व विलुप्त हो चुके एक सींग वाले भारतीय गैंडा

हस्तियां

पदम भूषण बिली अर्जन सिंह
दुधवा लाइव डेस्क* नव-वर्ष के पहले दिन बाघ संरक्षण में अग्रणी भूमिका निभाने वाले महा-पुरूष पदमभूषण बिली अर्जन सिंह

एक ब्राजीलियन महिला की यादों में टाइगरमैन बिली अर्जन सिंह
टाइगरमैन पदमभूषण स्व० बिली अर्जन सिंह और मैरी मुलर की बातचीत पर आधारित इंटरव्यू:

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