वन्य जीवन एवं पर्यावरण

International Journal of Environment & Agriculture ISSN 2395 5791

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ये जंगल तो हमारे मायका हैं

बीती सदी में बापू ने कहा था

"किसी राष्ट्र की महानता और नैतिक प्रगति को इस बात से मापा जाता है कि वह अपने यहां जानवरों से किस तरह का सलूक करता है"- मोहनदास करमचन्द गाँधी

Apr 26, 2014

एक मशहूर फिल्म निर्माता ने फिल्म निर्माण के दौरान बाघों के परिक्षेत्र को किया प्रभावित

April 26, 2014 3
दुधवा टाइगर रिजर्व क्षेत्र के किशनपुर वन्य जीव विहार में एक नामी फिल्म निर्देशक के द्वारा किसी फिल्म की सूटिंग का बंदोबस्त किया गया, त...
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Apr 23, 2014

गंगा

April 23, 2014 0
Photo Courtesy: The UnReal Times गंगा तुम क्या हो? मानवीय संवेदनाओं से जुड़ी कैसी कथा हो... जो चिरकाल से हमें पाल...
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एस्सार का फ्लाई एश डैम टूटने से पानी खेतों और घरों तक पहुंचा, स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा

April 23, 2014 0
15 अप्रैल, 2014। सिंगरौली। एस्सार द्वारा बड़े पैमाने पर लापरवाही का एक और उदाहरण सामने आया है। खैराही स्थित एस्सार पावर प्लांट के...
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जर्मनी द्वारा अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार "द बॉब्स" से सम्मानित पत्रिका "दुधवा लाइव"

मुद्दा

क्या खत्म हो जायेगा भारतीय बाघ
कृष्ण कुमार मिश्र* धरती पर बाघों के उत्थान व पतन की करूण कथा:

दुधवा में गैडों का जीवन नहीं रहा सुरक्षित
देवेन्द्र प्रकाश मिश्र* पूर्वजों की धरती पर से एक सदी पूर्व विलुप्त हो चुके एक सींग वाले भारतीय गैंडा

हस्तियां

पदम भूषण बिली अर्जन सिंह
दुधवा लाइव डेस्क* नव-वर्ष के पहले दिन बाघ संरक्षण में अग्रणी भूमिका निभाने वाले महा-पुरूष पदमभूषण बिली अर्जन सिंह

एक ब्राजीलियन महिला की यादों में टाइगरमैन बिली अर्जन सिंह
टाइगरमैन पदमभूषण स्व० बिली अर्जन सिंह और मैरी मुलर की बातचीत पर आधारित इंटरव्यू:

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