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International Journal of Environment & Agriculture ISSN 2395 5791

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Jun 5, 2013

उदयपुर राजस्थान में तालाबों को बचाने की मुहिम

पर्यावरण दिवस की पूर्व संध्या पर नागरिक संवाद


उदयपुर, 4 जून।  विश्व पर्यावरण दिवस की पूर्व संध्या पर उदयपुर के नागरिको ने संकल्प लिया की वे झीलों के मूल स्वरुप को बहाल करने ,उन्हें प्रदुषण ,अतिक्रमण मुक्त करने .आयड नदी को सुधारने में हर संभव नागरिक प्रयास करेंगे।झीलों,छोटे तालाबो व आयद नदी को सुधारने में सहभागी प्रशाशनिक अधिकारियों ,जिम्मेदार अफसरों व राजनीतिज्ञों का साथ देंगे,लेकिन गड़बड़ियो के जिम्मेदारो को आइना भी दिखाएँगे।

पिछोला झील किनारे माजी के मंदिर द्वार पर डॉ मोहन सिंह मेहता मेमोरियल,झील संरक्षण समिति,झील हितेषी मंच, चांदपोल नागरिक समिति वनश्री विकास परिषद्,कृति सेवा संस्थान,पर्यावरण शिक्षा समन्वय समिति, पहल संस्थान  ,गाँधी स्मृति मंदिर,समिधा संस्थान के सयुक्त तत्वाधान में हुए नागरिक संवाद में जागरूक नागरिको ने झीलों,तालाबो,पहाडो,बाग़ बगिचोकी दुर्दशा पर गंभीर चिंता व्यक्त की।

संवाद में डॉ तेज राजदान व अनिल मेहता ने कहा कि झीलों तालाबो को छोटा करने के प्रयासों के पीछे गहरा भ्रष्टाचार व षड्यंत्र है,झीलों के किनारे जैव विविधता के पोषक है,अतः इन्हें बचाना जरुरी है।

नन्द किशोर शर्मा व तेज शंकर पालीवाल ने कहा कि एन एल सी पी के लगभग साठ करोड़ रुपये खर्च होने के बावजूद पानी की गुणवत्ता में कोई सुधर नहीं आना चित जनक है ,योजना के क्रियांन्वयन में लगी एजेंसियो को इस तथ्य को नज़र अंदाज़ नहीं करना चाहिए।

हांजी सदार मोहम्मद व  स्वामी सगरानंद सरस्वती ने कहा की झीलों तालाबो में कचरा गन्दगी विशर्जन  करनेवालों को नागरिक और शासन मिलकर रोक सकते है।

चन्द्र गुप्त सिंह चौहान व इंदु शेखर व्यास ने कहा की झीलों में पड़ी सीवरेज लाइन को बहार निकालना जरुरी है।उन्होंने स्थानीय लोगो से अपनी भूमिका और अधिक बढ़ने का आग्रह किया।प्रकाश तिवारी व सत्यपाल सिंह डोडियार ने कहा की गुलाब बाग़ को व्यावसायिक गतिविधियों का केंद्र नहीं बनाने दिया जायेगा।गुलाब बाग़ पर्यावरण व  जैव विविधता का उत्कृष्ट उदाहरण है।

कमलेश पुरोहित और हाजी नूर मोहम्मद ने कहा की कुम्हारिया तालाब को कचरे मलबे से मुक्त करना अति आवश्यक है।कुम्हारिया तलब भी हमारी ऐतिहासिक धरोहर है।पी  एस चोहान व मनीष पालीवाल ने  सीवरेज से भू जल प्रदूषित होने का मुद्दा उठाया। नितेश सिंह ने पोलिथिन पर प्रभावी नियंत्रण की मांग की। सुशिल दशोरा ने कहा की बढ़ता लालच ही झीलों को बर्बाद कर रहा है।

झूठन नहीं छोड़ने का संकल्प
संवाद के पश्चात उपस्थित नागरिको ने संकल्प लिया की वे झूठन नहीं छोड़ेंगे।देश की एक बड़ी आबादी अन्न व खाद्यांह की कमी से जूझ रही है वाही अन्न का व्यर्थ करना पर्यावर पर भी खतरा है।

अनिल मेहता 
09414168945                                                                          
 नन्द किशोर शर्मा
09414160960
                                                                                                 

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