वन्य जीवन एवं पर्यावरण

International Journal of Environment & Agriculture ISSN 2395 5791

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ये जंगल तो हमारे मायका हैं

बीती सदी में बापू ने कहा था

"किसी राष्ट्र की महानता और नैतिक प्रगति को इस बात से मापा जाता है कि वह अपने यहां जानवरों से किस तरह का सलूक करता है"- मोहनदास करमचन्द गाँधी

Jun 28, 2013

Jun 12, 2013

क्या इन बोनसाई बरगदों को जमीन मयस्सर होगी! हम इसी इंतज़ार में है

June 12, 2013 3
क्या ये विशाल बरगद ख़त्म हो जायेंगे? अगर ऐसा होगा तो वे परिंदे और वे जानवर जो आसरा लेते है इस विशाल वृक्ष में, उनकी मौजूदगी पर भी सवाल खड...
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Jun 9, 2013

Jun 8, 2013

वो पुलिया वाली बरगदिया

June 08, 2013 2
वो पुलिया वाली बरगदिया  आज वट-सावित्री की पूजा है। सोचा दरख्तों से इंसान के इन जज्बाती  रिश्तों पर कुछ कहूं, जो कहानी कहते है हमारी...
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Jun 5, 2013

लुटती नदियाँ और लुटते जंगल-बुंदेलखंड की यही कहानी !

June 05, 2013 0
मानवाधिकारों को ताक पर रखकर पर्यावरण की अनदेखी प्रदेश में अवैध खनन पर रोक लगाने को लेकर जहां-तहां सुप्रीम कोर्ट एवं उच्च न्यायालय इ...
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उदयपुर राजस्थान में तालाबों को बचाने की मुहिम

June 05, 2013 0
पर्यावरण दिवस की पूर्व संध्या पर नागरिक संवाद उदयपुर, 4 जून।  विश्व पर्यावरण दिवस की पूर्व संध्या पर उदयपुर के नागरिको ने संकल्प लि...
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जर्मनी द्वारा अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार "द बॉब्स" से सम्मानित पत्रिका "दुधवा लाइव"

मुद्दा

क्या खत्म हो जायेगा भारतीय बाघ
कृष्ण कुमार मिश्र* धरती पर बाघों के उत्थान व पतन की करूण कथा:

दुधवा में गैडों का जीवन नहीं रहा सुरक्षित
देवेन्द्र प्रकाश मिश्र* पूर्वजों की धरती पर से एक सदी पूर्व विलुप्त हो चुके एक सींग वाले भारतीय गैंडा

हस्तियां

पदम भूषण बिली अर्जन सिंह
दुधवा लाइव डेस्क* नव-वर्ष के पहले दिन बाघ संरक्षण में अग्रणी भूमिका निभाने वाले महा-पुरूष पदमभूषण बिली अर्जन सिंह

एक ब्राजीलियन महिला की यादों में टाइगरमैन बिली अर्जन सिंह
टाइगरमैन पदमभूषण स्व० बिली अर्जन सिंह और मैरी मुलर की बातचीत पर आधारित इंटरव्यू:

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