वन्य जीवन एवं पर्यावरण

International Journal of Environment & Agriculture ISSN 2395 5791

Breaking

ये जंगल तो हमारे मायका हैं

बीती सदी में बापू ने कहा था

"किसी राष्ट्र की महानता और नैतिक प्रगति को इस बात से मापा जाता है कि वह अपने यहां जानवरों से किस तरह का सलूक करता है"- मोहनदास करमचन्द गाँधी

Apr 5, 2012

एक बार फ़िर विविध भारती में दुधवा लाइव

रेडियो में दुधवा लाइव

20 मार्च सन 2012 को दुधवा लाइव पर प्रकाशित एक लेख जो गौरैया दिवस से संबधित है का प्रसारण आकाशवाणी के विविध भारती के कार्यक्रम जिज्ञासा में श्री यूनुस जी द्वारा किया गया। 




यह प्रसारण 24 मार्च 2012 को शनिवार रात सात पैंतालीस पर और रविवार को यही कार्यक्रम सुबह सवा नौ बजे पुन: प्रसारित हुआ।



सन 2010 में रेडियों में दुधवा लाइव के लेखों और गौरैया सरंक्षण के प्रयासों का प्रसारण यहां सुन सकते हैं।

विविध भारती के कार्यक्रम ऑनलाइन सुनने के लिए यहां क्लिक करें।

दुधवा लाइव डेस्क

1 comment:

आप के विचार!

जर्मनी द्वारा अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार "द बॉब्स" से सम्मानित पत्रिका "दुधवा लाइव"

मुद्दा

क्या खत्म हो जायेगा भारतीय बाघ
कृष्ण कुमार मिश्र* धरती पर बाघों के उत्थान व पतन की करूण कथा:

दुधवा में गैडों का जीवन नहीं रहा सुरक्षित
देवेन्द्र प्रकाश मिश्र* पूर्वजों की धरती पर से एक सदी पूर्व विलुप्त हो चुके एक सींग वाले भारतीय गैंडा

हस्तियां

पदम भूषण बिली अर्जन सिंह
दुधवा लाइव डेस्क* नव-वर्ष के पहले दिन बाघ संरक्षण में अग्रणी भूमिका निभाने वाले महा-पुरूष पदमभूषण बिली अर्जन सिंह

एक ब्राजीलियन महिला की यादों में टाइगरमैन बिली अर्जन सिंह
टाइगरमैन पदमभूषण स्व० बिली अर्जन सिंह और मैरी मुलर की बातचीत पर आधारित इंटरव्यू:

Post Top Ad

Your Ad Spot