वन्य जीवन एवं पर्यावरण

International Journal of Environment & Agriculture ISSN 2395 5791

Breaking

ये जंगल तो हमारे मायका हैं

बीती सदी में बापू ने कहा था

"किसी राष्ट्र की महानता और नैतिक प्रगति को इस बात से मापा जाता है कि वह अपने यहां जानवरों से किस तरह का सलूक करता है"- मोहनदास करमचन्द गाँधी

Jun 29, 2011

Jun 27, 2011

संवेदना की वापसी...

June 27, 2011 1
अपने घर की छत पर कुंडे में पानी भरते हुए सुचित सेठ शाहजहांपुर के घूरनतलैया मोहल्ले के मकान नंबर : 54 की कहानी हिन्दुस्तान ने सुधरवा दी पा...
Read more »

Jun 26, 2011

चौराहे पर ठाढ किसनऊ देखई चारिउवार..देश का कौनु है जिम्मेवार !

June 26, 2011 1
किसान के घर की दशा- फोटो: आशीष सागर ग्रेट गैंबलर की इतनी दुर्दशा, कौन है जिम्मेदार   यह लेख शाहजहांपुर के कृषि विज्ञान केंद्र के कृषि वै...
Read more »

Jun 19, 2011

Jun 18, 2011

Jun 12, 2011

जंगल और जंगलवासी बने एक-दूजे के दुश्मन- अस्पष्ट कानून है जिम्मेदार !

June 12, 2011 0
 दुधवा टाइगर रिजर्व में थारू महिलाओं ने की घुसपैठ- दर्जनों डनलप जलौनी लकड़ी व घास जंगल से बाहर ले गयी और सरकारी अमला मुहं ताकता रहा ! ...
Read more »

Jun 3, 2011

बुंदेलखण्ड का जल संकट - मामला इंतजामियां का हैं

June 03, 2011 0
बुंदेलखण्ड का जल संकट- जिसे खुद पैदा किया है ईंतंजामियां ने और उसके निगेहबान कार्पोरेट माफ़िया ने! .....   पानी की त्रासदी- मरते किसान और जा...
Read more »

जर्मनी द्वारा अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार "द बॉब्स" से सम्मानित पत्रिका "दुधवा लाइव"

मुद्दा

क्या खत्म हो जायेगा भारतीय बाघ
कृष्ण कुमार मिश्र* धरती पर बाघों के उत्थान व पतन की करूण कथा:

दुधवा में गैडों का जीवन नहीं रहा सुरक्षित
देवेन्द्र प्रकाश मिश्र* पूर्वजों की धरती पर से एक सदी पूर्व विलुप्त हो चुके एक सींग वाले भारतीय गैंडा

हस्तियां

पदम भूषण बिली अर्जन सिंह
दुधवा लाइव डेस्क* नव-वर्ष के पहले दिन बाघ संरक्षण में अग्रणी भूमिका निभाने वाले महा-पुरूष पदमभूषण बिली अर्जन सिंह

एक ब्राजीलियन महिला की यादों में टाइगरमैन बिली अर्जन सिंह
टाइगरमैन पदमभूषण स्व० बिली अर्जन सिंह और मैरी मुलर की बातचीत पर आधारित इंटरव्यू:

Post Top Ad

Your Ad Spot