वन्य जीवन एवं पर्यावरण

International Journal of Environment & Agriculture ISSN 2395 5791

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ये जंगल तो हमारे मायका हैं

बीती सदी में बापू ने कहा था

"किसी राष्ट्र की महानता और नैतिक प्रगति को इस बात से मापा जाता है कि वह अपने यहां जानवरों से किस तरह का सलूक करता है"- मोहनदास करमचन्द गाँधी

Apr 30, 2011

Apr 29, 2011

Apr 23, 2011

पानी की जंग

April 23, 2011 2
Photo courtesy:  www.eco-asia.info बांधों का मालिकाना हक हमारा है: मध्य प्रदेश 1-  बांधों के बकाये राजस्व की राशि 2007 तक 71 करोड़ 82 ल...
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Apr 20, 2011

Apr 12, 2011

मंगल पाण्डे के बलिदान दिवस पर पर्यावरण के क्षेत्र में कार्य करने वालों को मिला सम्मान

April 12, 2011 0
 अमर शहीद मंगल पाण्डे बलिदान दिवस 8 अप्रैल 2011   1-   तो फिर देश को चाहिये एक और मंगल पाण्डे   2-   क्रान्तिकारी पाण्डे की लम्बाई थीं 9 फुट...
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वन विभाग की गुलामी से आजाद हुए सुरमा व गोलवोझी के थारू

April 12, 2011 2
सुरमा एवं गोलवोझी (दुधवा-खीरी) से देवेन्द्र प्रकाश मिश्र की रिपोर्ट जिलाधिकारी समीर वर्मा ने वनाधिकार कानून के तहत सूरमा ग्राम के 289 निव...
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जर्मनी द्वारा अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार "द बॉब्स" से सम्मानित पत्रिका "दुधवा लाइव"

मुद्दा

क्या खत्म हो जायेगा भारतीय बाघ
कृष्ण कुमार मिश्र* धरती पर बाघों के उत्थान व पतन की करूण कथा:

दुधवा में गैडों का जीवन नहीं रहा सुरक्षित
देवेन्द्र प्रकाश मिश्र* पूर्वजों की धरती पर से एक सदी पूर्व विलुप्त हो चुके एक सींग वाले भारतीय गैंडा

हस्तियां

पदम भूषण बिली अर्जन सिंह
दुधवा लाइव डेस्क* नव-वर्ष के पहले दिन बाघ संरक्षण में अग्रणी भूमिका निभाने वाले महा-पुरूष पदमभूषण बिली अर्जन सिंह

एक ब्राजीलियन महिला की यादों में टाइगरमैन बिली अर्जन सिंह
टाइगरमैन पदमभूषण स्व० बिली अर्जन सिंह और मैरी मुलर की बातचीत पर आधारित इंटरव्यू:

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