वन्य जीवन एवं पर्यावरण

International Journal of Environment & Agriculture ISSN 2395 5791

Breaking

ये जंगल तो हमारे मायका हैं

बीती सदी में बापू ने कहा था

"किसी राष्ट्र की महानता और नैतिक प्रगति को इस बात से मापा जाता है कि वह अपने यहां जानवरों से किस तरह का सलूक करता है"- मोहनदास करमचन्द गाँधी

Jan 13, 2011

लखीमपुर में बाघ ने ग्रामीण को बनाया निवाला

(लखीमपुर-खीरी) धौरहरा रेंज से सटे बार्डर इलाके के जंगल में लकड़ी काटने गए एक ग्रामीण को बाघ ने अपना निवाला बना लिया। घटना के बाद दुधवा नेशनल पार्क के फ़ील्ड डाइरेक्टर शैलेश प्रसाद समेत वन विभाग के तमाम अफ़सरों ने मौका मुआयना किया।

सुजौली वन रेंज के गांव दुर्गा  गौढ़ी निवासी दूबर (४५) मंगलवार को इलाके के जंगल में लकड़ी काटने गया था। तभी बाघ ने उसे दबोच लिया। दिनभर ग्रामीणों और वन विभाग की तलाश के बाद भी दूबर का क्षत विक्षत शव जंगल के पास से ही बरामद हुआ। घटना के बाद से ही बार्डर इलाके से धौरहरा के गांवों में दहशत फ़ैली हुई है। इधर वन विभाग ने सतर्कता बढ़ाते हुए टीमों को काम्बिंग के आदेश दिए हैं। धौरहरा में चौकसी बढ़ा दी गई है।

स्रोत: हिन्दुस्तान दैनिक

No comments:

Post a Comment

आप के विचार!

जर्मनी द्वारा अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार "द बॉब्स" से सम्मानित पत्रिका "दुधवा लाइव"

मुद्दा

क्या खत्म हो जायेगा भारतीय बाघ
कृष्ण कुमार मिश्र* धरती पर बाघों के उत्थान व पतन की करूण कथा:

दुधवा में गैडों का जीवन नहीं रहा सुरक्षित
देवेन्द्र प्रकाश मिश्र* पूर्वजों की धरती पर से एक सदी पूर्व विलुप्त हो चुके एक सींग वाले भारतीय गैंडा

हस्तियां

पदम भूषण बिली अर्जन सिंह
दुधवा लाइव डेस्क* नव-वर्ष के पहले दिन बाघ संरक्षण में अग्रणी भूमिका निभाने वाले महा-पुरूष पदमभूषण बिली अर्जन सिंह

एक ब्राजीलियन महिला की यादों में टाइगरमैन बिली अर्जन सिंह
टाइगरमैन पदमभूषण स्व० बिली अर्जन सिंह और मैरी मुलर की बातचीत पर आधारित इंटरव्यू:

Post Top Ad

Your Ad Spot