वन्य जीवन एवं पर्यावरण

International Journal of Environment & Agriculture ISSN 2395 5791

Breaking

ये जंगल तो हमारे मायका हैं

बीती सदी में बापू ने कहा था

"किसी राष्ट्र की महानता और नैतिक प्रगति को इस बात से मापा जाता है कि वह अपने यहां जानवरों से किस तरह का सलूक करता है"- मोहनदास करमचन्द गाँधी

Dec 26, 2010

दुधवा टाइगर रिजर्व में मिला तेन्दुए का शव

दुधवा में फ़िर हुआ शिकार?
किशनपुर सेंक्चुरी में तेन्दुए का मिला शव..../  
दुधवा में अलर्ट के बाद हुई वारदात....
वन्य जीवों की सुरक्षा पर सवाल ?

दुधवालाइव डेस्क (खीरी) सूत्रों से अभी मिली सूचना के मुताबिक दुधवा टाइगर रिजर्व के अन्तर्गत किशनपुर वन्य जीव विहार में एक तेन्दुए को मृत अवस्था में पाया गया है। सूत्रों के मुताबिक तेन्दुए की मौत तारों के फ़न्दे में फ़ंसकर हुई ऐसा बताया जा रहा हैं, चूकिं वन-विभाग द्वारा यहाँ अलर्ट जारी किया गया था, और पूर्व में भी शिकार की घटनाये होती रही है, इसलिए इस बात से भी इनकार नही किया जा सकता की इस तेन्दुए का शिकार हुआ हो। फ़िलहाल दुधवा टाइगर रिजर्व का प्रशासन इस घटना की जाँच में जुटा हुआ हैं।

बताया जा रहा है, कि तेन्दुए का शव कटैया वन-चौकी से थोड़ी ही दूर पर तार से लिपटा मिला है, इससे इससे आशंका व्यक्त की जा रही है कि तेन्दुए का शिकार हुआ है, किशनपुर सेंक्चुरी शिकारियो के निशाने पर पहले से ही थी, और पार्क की प्रशासन उस पर नज़र और चौकसी भी बढाये हुए था, पर तेन्दुए की इस तरह मिली लाश ने एकबार फ़िर वन्य जीवों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए है। किशनपुर सेंक्चुरी में बाघ और तेन्दुओं  के शिकार की घटनायें पूर्व में भी होती रही हैं, और शिकारियों को  दुधवा टाइगर रिजर्व प्रशासन  द्वारा हवालात के पीछे पहुचांया गया, अभी कुछ महीने पहले ही एक तेन्दुए को किशनपुर गांव के निकट गन्ने के खेत में शिकारियों ने एक तेन्दुए को खुड़के में फ़ंसा लिया था, हालांकि इसकी जान बच गयी थी, पर इसका एक पैर घायल हो गया था, बाद में वन विभाग ने इलाज़ के बाद जंगल में छोड़ दिया था.....इस घटना के बाद  प्रशासन ने सुरक्षा और गस्त को और तेज कर दिया था, पर शायद शिकारियों के हौसलों के आगे सरकारी महकमा बौना ही साबित हो  रहा है...और आये दिन शिकार की घटनाये बढती जा रही हैं।

No comments:

Post a Comment

आप के विचार!

जर्मनी द्वारा अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार "द बॉब्स" से सम्मानित पत्रिका "दुधवा लाइव"

मुद्दा

क्या खत्म हो जायेगा भारतीय बाघ
कृष्ण कुमार मिश्र* धरती पर बाघों के उत्थान व पतन की करूण कथा:

दुधवा में गैडों का जीवन नहीं रहा सुरक्षित
देवेन्द्र प्रकाश मिश्र* पूर्वजों की धरती पर से एक सदी पूर्व विलुप्त हो चुके एक सींग वाले भारतीय गैंडा

हस्तियां

पदम भूषण बिली अर्जन सिंह
दुधवा लाइव डेस्क* नव-वर्ष के पहले दिन बाघ संरक्षण में अग्रणी भूमिका निभाने वाले महा-पुरूष पदमभूषण बिली अर्जन सिंह

एक ब्राजीलियन महिला की यादों में टाइगरमैन बिली अर्जन सिंह
टाइगरमैन पदमभूषण स्व० बिली अर्जन सिंह और मैरी मुलर की बातचीत पर आधारित इंटरव्यू:

Post Top Ad

Your Ad Spot