वन्य जीवन एवं पर्यावरण

International Journal of Environment & Agriculture ISSN 2395 5791

Breaking

ये जंगल तो हमारे मायका हैं

बीती सदी में बापू ने कहा था

"किसी राष्ट्र की महानता और नैतिक प्रगति को इस बात से मापा जाता है कि वह अपने यहां जानवरों से किस तरह का सलूक करता है"- मोहनदास करमचन्द गाँधी

Sep 25, 2010

रेडियों में "दुधवा लाइव ई-पत्रिका"

रेडियों में दुधवा लाइव ई-पत्रिका:
दुधवा लाइव ई-पत्रिका द्वारा चलाये गये जन-अभियानों, और सूचनाओं का जिक्र आकाशवाणी में किया गया, जिसके अंश हम यहाँ प्रस्तुत कर रहे हैं।
ऑल इंडिया रेडियो के विविध भारती कार्यक्रम में दुधवा लाइव पत्रिका- 


शनिवार २२ मई २०१० की शाम सात पैतालिस व रविवार २३ मई २०१० की सुबह सवा नौ बजे, भारत की सार्वजनिक क्षेत्र के रेडियो चैनल आकाशवाणी के मशहूर कार्यक्रम विविध भारती में दुधवा लाइव ई-पत्रिका के एक लेख का जिक्र किया गया। यह लेख था  "विश्व प्रवासी पक्षी दिवस- एक अदभुत यात्रा की दुखद कहानियां!"




विविध भारती के "जिज्ञासा" कार्यक्रम में दुधवा लाइव: 

शनिवार २२ मई २०१० की शाम सात पैतालिस व रविवार २३ मई २०१० की सुबह सवा नौ बजे, भारत की सार्वजनिक क्षेत्र के रेडियो चैनल आकाशवाणी के मशहूर कार्यक्रम विविध भारती में दुधवा लाइव ई-पत्रिका के एक लेख का जिक्र किया गया। यह लेख था "विश्व प्रवासी पक्षी दिवस- एक अदभुत यात्रा की दुखद कहानियां!"



आकाशवाणी समाचार में दुधवा लाइव: दुधवा लाइव अपने गौरैया बचाओ जन-अभियान में पहली बार आकाशवाणी गोरखपुर से ब्राडकास्ट हुआ, यह तारीख थी २० मार्च २०१० और वक्त था सुबह का सात बजकर बीस मिनट।





20 मार्च सन 2012 को दुधवा लाइव पर प्रकाशित एक लेख जो गौरैया दिवस से संबधित है का प्रसारण आकाशवाणी के विविध भारती के कार्यक्रम जिज्ञासा में श्री यूनुस जी द्वारा किया गया। यह प्रसारण 24 मार्च 2012 को शनिवार रात सात पैंतालीस पर और रविवार को यही कार्यक्रम सुबह सवा नौ बजे पुन: प्रसारित हुआ।

2 comments:

  1. रेडियो मे दुधवा लाइव का यह प्रसारण हमने पाबला जी के सौजन्य से सुना । रेडियो एक सशक्त प्रसार माध्यम है और इसके ज़रिये यह बात उन दूरदराज के क्षेत्रों तक पहुँचती है जहाँ वाकई मे इन बातों की आवश्यकता है । यह सतत चलता रहे यह कामना है ।

    ReplyDelete

आप के विचार!

जर्मनी द्वारा अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार "द बॉब्स" से सम्मानित पत्रिका "दुधवा लाइव"

मुद्दा

क्या खत्म हो जायेगा भारतीय बाघ
कृष्ण कुमार मिश्र* धरती पर बाघों के उत्थान व पतन की करूण कथा:

दुधवा में गैडों का जीवन नहीं रहा सुरक्षित
देवेन्द्र प्रकाश मिश्र* पूर्वजों की धरती पर से एक सदी पूर्व विलुप्त हो चुके एक सींग वाले भारतीय गैंडा

हस्तियां

पदम भूषण बिली अर्जन सिंह
दुधवा लाइव डेस्क* नव-वर्ष के पहले दिन बाघ संरक्षण में अग्रणी भूमिका निभाने वाले महा-पुरूष पदमभूषण बिली अर्जन सिंह

एक ब्राजीलियन महिला की यादों में टाइगरमैन बिली अर्जन सिंह
टाइगरमैन पदमभूषण स्व० बिली अर्जन सिंह और मैरी मुलर की बातचीत पर आधारित इंटरव्यू:

Post Top Ad

Your Ad Spot